दस साल तक देता रहा चकमा, आखिर दबोचा गया एक लाख का इनामी; हैरान कर देगी जेल से फरारी की कहानी

करीब 10 साल से पुलिस की पकड़ से दूर चल रहा एक लाख रुपये का इनामी अपराधी आखिरकार एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया। आरोपी का नाम कई सनसनीखेज हत्या और डकैती की वारदातों से जुड़ा रहा है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 17 June 2026, 7:01 PM IST

Azamgarh: उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने हत्या, डकैती और लूट जैसे कई संगीन अपराधों में शामिल तथा वर्ष 2016 में आजमगढ़ जिला कारागार से फरार हुए एक लाख रुपये के इनामी आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान चन्द्रशेखर उर्फ शेखर मुसहर के रूप में हुई है। वह मूल रूप से वाराणसी जिले के चोलापुर थाना क्षेत्र के लश्करपुर गांव का निवासी है। वर्तमान में उसका संबंध गाजीपुर जिले के गहमर क्षेत्र से भी बताया गया है।

गुप्त सूचना के आधार पर STF ने बिछाया जाल

एसटीएफ को पिछले कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि फरार और इनामी अपराधी फिर से सक्रिय हो रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम लगातार निगरानी और सूचना संकलन में जुटी थी।

16 जून 2026 की शाम को एसटीएफ को सूचना मिली कि चन्द्रशेखर अपने एक साथी के साथ आजमगढ़ में मौजूद है। सूचना मिलते ही टीम ने सिधारी थाना क्षेत्र के खेमउपुर रोड स्थित नहर पुलिया के पास घेराबंदी कर दी। शाम करीब 6:30 बजे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

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2016 में जेल की दीवार फांदकर हुआ था फरार

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार चन्द्रशेखर वर्ष 2016 में आजमगढ़ जिला कारागार में बंद था। उस समय वह एक चर्चित डकैती और हत्या के मामले में निरुद्ध था। जेल में उसे खाना बनाने का काम सौंपा गया था।

बताया जाता है कि रक्षाबंधन के दिन 18 अगस्त 2016 को उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर जेल से भागने की योजना बनाई। खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान, चादर और गमछे की मदद से उसने जेल की दीवार पार कर ली और फरार हो गया। इसके बाद उसके खिलाफ सिधारी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था और बाद में उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया।

कई जघन्य वारदातों में रहा शामिल

पुलिस के अनुसार आरोपी का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा और गंभीर है। उस पर आजमगढ़, गाजीपुर, जौनपुर और बलिया समेत कई जिलों में हत्या, डकैती, लूट और गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे दर्ज हैं।

जांच एजेंसियों के मुताबिक वह कई ऐसी वारदातों में शामिल रहा है जिनमें डकैती के दौरान लोगों की हत्या की गई थी। कुछ मामलों में डॉक्टर दंपती, ग्रामीण परिवारों और मंदिर परिसर में मौजूद लोगों को निशाना बनाया गया था। इन घटनाओं ने उस समय पूरे पूर्वांचल में सनसनी फैला दी थी।

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2024 में भी पुलिस के हाथ से निकला था

एसटीएफ के अनुसार वर्ष 2024 में भी आरोपी को पकड़ने की कोशिश की गई थी। उस दौरान वह अपने एक साथी के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें उसका साथी गिरफ्तार हो गया था, लेकिन चन्द्रशेखर मौके से भागने में सफल रहा।

अब होगी आगे की कानूनी कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को सिधारी थाने में दर्ज जेल फरारी के मुकदमे में दाखिल कर दिया गया है। स्थानीय पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है और उसके नेटवर्क व अन्य गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

Location :  Azamgarh

Published :  17 June 2026, 7:01 PM IST