
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Image Source: Pinterest)
Prayagraj: सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर अब मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। मस्जिद गिराए जाने के बाद दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है। इसके साथ ही मस्जिद कमेटी पर लगाए गए 6.41 करोड़ रुपये के हर्जाने की वसूली पर भी अगली सुनवाई तक रोक लगा दी गई है। मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर 2026 को तय की गई है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में यह याचिका मस्जिद कमेटी के मुतवल्ली मोहम्मद तनवीर अहमद की ओर से दाखिल की गई थी। याचिका पर सुनवाई न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकलपीठ ने की। सुनवाई के दौरान अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूरे मामले पर जवाब मांगा है। सरकार को तीन सप्ताह के भीतर अपना जवाबी हलफनामा दाखिल करना होगा। वहीं अदालत ने फिलहाल मस्जिद कमेटी से 6.41 करोड़ रुपये की वसूली पर अंतरिम रोक लगा दी है।
पूरा विवाद सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की जमीन पर बनी मस्जिद को लेकर है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सिटी मजिस्ट्रेट ने 16 जुलाई 2026 को मस्जिद को अवैध कब्जा बताते हुए जमीन खाली करने का आदेश दिया था। बताया गया कि कलेक्ट्रेट परिसर में करीब 315 वर्ग मीटर जमीन पर यह मस्जिद बनी हुई थी। प्रशासन की ओर से इसे अवैध कब्जे के तौर पर देखा गया और जमीन खाली करने के आदेश के साथ मस्जिद कमेटी पर 6.41 करोड़ रुपये का हर्जाना भी लगाया गया।
जिला अदालत से अपील खारिज होने के बाद 5 सितंबर 2026 की तड़के सुबह प्रशासन ने मस्जिद को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया था। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई के बाद इलाके में मामला चर्चा का विषय बन गया। प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ मस्जिद कमेटी की ओर से हाईकोर्ट का रुख किया गया। अब हाईकोर्ट ने सरकार से इस पूरी कार्रवाई पर जवाब मांगा है।
हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में मस्जिद कमेटी ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने पर्याप्त कानूनी नोटिस दिए बिना और किसी वैध आदेश के बगैर जल्दबाजी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। याचिका में कमेटी ने इस कार्रवाई को उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के खिलाफ बताया है। इसके अलावा कमेटी ने प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट, 1991 के प्रावधानों का भी हवाला दिया है।
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फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश से मस्जिद कमेटी पर लगाए गए 6.41 करोड़ रुपये के हर्जाने की वसूली पर अंतरिम रोक लग गई है। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार को तीन सप्ताह में अपना जवाब दाखिल करना होगा। अब सभी की नजरें 12 अक्टूबर 2026 को होने वाली अगली सुनवाई पर हैं। उस दिन अदालत के सामने सरकार की ओर से दाखिल जवाब और मामले से जुड़े दूसरे पहलुओं पर सुनवाई हो सकती है।
Location : Prayagraj
Published : 11 September 2026, 4:01 PM IST
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