मां का दुलारा चला गया, पीछे छोड़ गया सिस्टम पर सवाल! मासूम उमेर की दर्दनाक मौत पर अस्पताल में भारी हंगामा

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में 10 साल के उमेर की मौत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य कार्यालय में हंगामा किया। नेताओं ने अस्पताल में अव्यवस्थाओं के आरोप लगाते हुए बच्चे की मौत की उच्चस्तरीय जांच और मुआवजे की मांग की।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 23 August 2026, 4:08 PM IST

Agra: एसएन मेडिकल कॉलेज में 10 साल के उमेर की मौत के बाद एक बार फिर विवाद बढ़ गया है। बच्चे की मौत से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य कार्यालय पहुंचकर जमकर हंगामा किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं की प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता से तीखी नोकझोंक भी हुई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन पर अव्यवस्थाओं के गंभीर आरोप लगाते हुए बच्चे की मौत की उच्चस्तरीय जांच और परिवार को मुआवजा देने की मांग की।

बच्चे की मौत के बाद प्राचार्य कार्यालय पहुंचे कांग्रेसी

जानकारी के अनुसार, खंदारी निवासी विद्युत विभाग में एई आमिर रिजवी के 10 वर्षीय बेटे उमेर की एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी आईसीयू में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता प्राचार्य कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने बच्चे की मौत को लेकर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

अस्पताल में अव्यवस्थाओं का लगाया आरोप

कांग्रेस नेताओं ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर अस्पताल में भारी अव्यवस्था का आरोप लगाया। उनका कहना था कि मरीजों को दवाएं उपलब्ध नहीं हो रही हैं और डॉक्टर निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं। इसके अलावा कई जांचें बाहर से कराने का भी आरोप लगाया गया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों की परेशानी का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर 100 से अधिक गार्ड तैनात किए गए हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी होती है।

Agra: 17 घंटे पहले मौत, फिर अचानक खुलीं आंखें और बोलीं- ‘मैं जिंदा हूं’; परिजनों के उड़ गए होश

प्राचार्य से हुई तीखी नोकझोंक

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता के बीच तीखी बहस हुई। कांग्रेस नेताओं ने उमेर की मौत की उच्चस्तरीय जांच कराने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।

प्राचार्य बोले- निमोनिया से हुई बच्चे की मौत

वहीं, प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बच्चे की मौत की वजह निमोनिया बताई। उन्होंने कहा कि बच्चे को जन्मजात सेरेब्रल पाल्सी की बीमारी भी थी। प्राचार्य के अनुसार, परिजनों ने बच्चे का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है।

एक दिन पहले सिर पर गिरा था छत का प्लास्टर

दरअसल, उमेर एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के आईसीयू में भर्ती था। मौत से एक दिन पहले इमरजेंसी में छत का प्लास्टर गिरकर उसके सिर पर लगा था। इसके बाद बच्चे की हालत को लेकर सवाल उठने लगे थे। हालांकि, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बच्चे की मौत का कारण निमोनिया और उसकी जन्मजात बीमारी को बताया है।

Agra: पांच दिन बाद लौटे कारोबारी के उड़े होश, पुलिस भी उलझी इस रहस्य में

सपा कार्यकर्ता भी कर चुके हैं प्रदर्शन

उमेर की मौत के बाद शनिवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी प्राचार्य कार्यालय का घेराव कर हंगामा किया था। इस दौरान पुलिस और सुरक्षा गार्डों से भी नोकझोंक हुई थी। सपा नेताओं ने प्लास्टर गिरने को बच्चे की मौत से जोड़ते हुए मामले की जांच और मुआवजे की मांग की थी।

मौत की वजह पर उठ रहे सवाल

उमेर की मौत को लेकर अस्पताल प्रशासन और राजनीतिक दलों के दावों में अंतर नजर आ रहा है। जहां मेडिकल कॉलेज प्रशासन निमोनिया और जन्मजात बीमारी को मौत की वजह बता रहा है, वहीं कांग्रेस और सपा कार्यकर्ता इमरजेंसी में प्लास्टर गिरने की घटना को लेकर सवाल उठा रहे हैं। अब पोस्टमार्टम नहीं होने की स्थिति में मौत की परिस्थितियों को लेकर विवाद बना हुआ है।

Location :  Agra

Published :  23 August 2026, 4:08 PM IST