नेपाल की तबाही के बाद गंडक में बहकर आए 4 शव, हालत देख दहल उठा महराजगंज; अब पहचान का इंतजार

नेपाल में त्रिशूली नदी की भीषण त्रासदी के बीच महराजगंज में गंडक नदी से चार क्षत-विक्षत शव बरामद होने से हड़कंप मच गया। नेपाल की ओर से तेज बहाव में बहकर पहुंचे शव जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में रखे गए हैं। पहचान नहीं होने के कारण पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी अटकी हुई है। प्रशासन नेपाल के अधिकारियों के साथ समन्वय कर मृतकों की पहचान में जुटा है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 28 August 2026, 12:20 PM IST

Maharajganj: महराजगंज में गंडक नदी की तेज धार ने नेपाल में आई तबाही का एक ऐसा खौफनाक चेहरा सामने ला दिया है, जिसने सीमा से सटे इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। देर रात नेपाल की तरफ से पानी के तेज बहाव के साथ चार शव बहकर भारतीय क्षेत्र में पहुंच गए। शवों की हालत इतनी क्षत-विक्षत है कि अभी तक उनकी पहचान नहीं हो पाई है। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम सक्रिय हुई और सभी शवों को कब्जे में लेकर महराजगंज जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में सुरक्षित रखवा दिया गया। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि ये शव आखिर किसके हैं और क्या ये नेपाल में आई भीषण आपदा में लापता हुए लोगों के हैं।

नेपाल त्रासदी के बीच बहकर आए शव

नेपाल में त्रिशूली नदी में भूस्खलन और उसके बाद आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। आपदा के तीसरे दिन भी वहां हालात सामान्य नहीं हुए हैं। तेज बारिश, भूस्खलन और नदियों में बढ़े जलप्रवाह के कारण कई इलाकों में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। इसी बीच नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र से आने वाली तेज धारा का असर भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी दिखाई देने लगा है।

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क्षत-विक्षत हालत ने बढ़ाई पहचान की मुश्किल

चारों शवों की हालत बेहद खराब और क्षत-विक्षत बताई जा रही है। तेज बहाव में लंबे समय तक बहने के कारण शवों की पहचान करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। फिलहाल शवों को महराजगंज जिला अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस में सुरक्षित रखा गया है। प्रशासन की कोशिश है कि सबसे पहले मृतकों की पहचान सुनिश्चित की जाए। इसके लिए नेपाल में आपदा के दौरान लापता हुए लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। अगर बरामद शवों का मिलान नेपाल में दर्ज गुमशुदगी या मृतकों के रिकॉर्ड से हो जाता है, तो उनके परिवारों तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।

प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल

गंडक से बरामद चार शवों को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि वे किसके हैं। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की सूचनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि नदी की तेज धारा में बहकर ये लोग भारतीय क्षेत्र तक पहुंचे हो सकते हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा गया है कि चारों शव नेपाल में लापता हुए लोगों के ही हैं। उनकी पहचान और अन्य जरूरी जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। प्रशासन इस मामले में जल्दबाजी से बचते हुए सभी पहलुओं की जांच कर रहा है।

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भारत और नेपाल के अधिकारियों के बीच बढ़ा समन्वय

मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत और नेपाल के संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय बढ़ गया है। सूत्रों के मुताबिक, भारत का विदेश मंत्रालय भी नेपाल प्रशासन के संपर्क में है। सीमा पार से भारत में पहुंचने वाले शवों की पहचान और उनके संभावित परिजनों तक सूचना पहुंचाने के लिए दोनों तरफ से जानकारी साझा की जा रही है। नेपाल में आपदा के बाद दर्ज की गई गुमशुदगी और मृतकों से जुड़े रिकॉर्ड की मदद से पहचान कराने की कोशिश की जा रही है। अगर किसी परिवार ने अपने सदस्य के लापता होने की सूचना दर्ज कराई है और उसका विवरण बरामद शवों से मेल खाता है, तो आगे की प्रक्रिया आसान हो सकती है।

गंडक नदी के किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह

नेपाल में लगातार बने आपदा के हालात को देखते हुए महराजगंज प्रशासन भी अलर्ट मोड में है। गंडक नदी के आसपास और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। नदी के तेज बहाव को देखते हुए स्थानीय लोगों को नदी के किनारे जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि नेपाल से आने वाले पानी के कारण किसी तरह की अतिरिक्त परेशानी न हो और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किया जा सके।

Location :  Maharajganj

Published :  28 August 2026, 12:20 PM IST