
प्रतापगढ़ में अवैध पटाखा फैक्ट्री पर छापा (IMG: Dynamite News)
Pratapgarh: कौशांबी के मनौरी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और 14 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद अब पड़ोसी जिलों में भी प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। दीपावली का त्योहार नजदीक आने के साथ ही अवैध तरीके से पटाखे बनाने और उनका भंडारण करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया गया है। इसी अभियान के तहत प्रतापगढ़ में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने एक ऐसी पटाखा फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है, जहां बिना वैध लाइसेंस के पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था।
महेशगंज थाना क्षेत्र के माघी चैनगढ़ में हुई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में पटाखे और पटाखा बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की है। पुलिस ने मौके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया है। प्रशासन का कहना है कि कौशांबी जैसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए जिले में अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
महेशगंज थाना क्षेत्र के माघी चैनगढ़ स्थित पूर्व पटाखा फैक्ट्री में अवैध रूप से पटाखे बनाए जाने और उनके भंडारण की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना के बाद क्षेत्राधिकारी सदर मनोज कुमार सिंह रघुवंशी और उपजिलाधिकारी कुंडा के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर छापेमारी की। जांच के दौरान टीम को मौके पर पटाखों का निर्माण और उन्हें तैयार करने से जुड़ी सामग्री मिली। पुलिस ने मौके से मो. हमजा नाम के 28 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया।
छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से 2650 मिर्ची पटाखे मिले। इसके अलावा बड़ी मात्रा में अर्द्धनिर्मित पटाखे भी बरामद किए गए हैं। मौके से पटाखे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले अन्य सामान भी मिला है, जिसमें तराजू, लोहे की चलनी और पांच तसले शामिल हैं। इतनी बड़ी मात्रा में पटाखों और निर्माण सामग्री की बरामदगी के बाद प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। बरामद सामग्री को पुलिस ने कब्जे में लेकर नियमानुसार निष्प्रयोज्य कराया है, ताकि इससे किसी तरह की दुर्घटना का खतरा न रहे।
प्रशासनिक जांच में सामने आया कि जिस पटाखा फैक्ट्री में यह कार्रवाई हुई, उसके संचालक ने पहले लाइसेंस लिया था। हालांकि, उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया था। ऐसे में मौजूदा समय में फैक्ट्री के पास पटाखा निर्माण और भंडारण के लिए वैध लाइसेंस नहीं था। सीओ सदर मनोज कुमार सिंह रघुवंशी के मुताबिक, लाइसेंस वैध नहीं होने के बावजूद पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था। यही वजह है कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
अब पुलिस की जांच का सबसे अहम हिस्सा यह है कि अवैध तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा बारूद आखिर आरोपी तक पहुंचा कैसे। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बारूद और पटाखा बनाने वाली सामग्री कहां से खरीदी गई थी। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि तैयार और अर्द्धनिर्मित पटाखों को कहां सप्लाई किया जाना था। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा संख्या 227/2026 दर्ज किया है। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 125 और विस्फोटक अधिनियम की धारा 5/9(ख) 1(क) के तहत कार्रवाई की गई है।
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पड़ोसी जनपद कौशांबी के मनौरी में हाल ही में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में 14 लोगों की मौत ने प्रशासन को झकझोर दिया है। इस हादसे के बाद अब सीमावर्ती जिलों में भी पटाखों के अवैध कारोबार को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रतापगढ़ में भी प्रशासन ने ऐसी जगहों को चिन्हित करने की कवायद शुरू की है, जहां बिना अनुमति पटाखों का निर्माण या भंडारण किया जा सकता है। प्रशासन की टीम लाइसेंस, भंडारण की क्षमता और सुरक्षा मानकों की जांच कर रही है।
जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय ने कौशांबी की घटना को गंभीरता से लेते हुए तहसील प्रशासन और स्थानीय पुलिस को विशेष चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को साफ तौर पर कहा गया है कि पटाखा निर्माण और भंडारण से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाए।
Location : Pratapgarh
Published : 9 September 2026, 1:23 PM IST
Topics : Firecracker Factory Raid Firecracker Seized Illegal Firecracker Factory pratapgarh news Pratapgarh Police