भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली, जहां Sensex और Nifty ने मजबूत शुरुआत की। वैश्विक संकेतों के चलते बाजार में उछाल आया, लेकिन निवेशकों की नजर US Fed के ब्याज दर फैसले पर टिकी है। साथ ही मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और तेल की कीमतें भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर (Img: Internet)
Mumbai: भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को शानदार शुरुआत करते हुए निवेशकों को राहत दी। सकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते बाजार खुलते ही तेजी देखने को मिली। BSE Sensex करीब 400 अंकों की बढ़त के साथ खुला, वहीं NSE Nifty 50 ने भी 23,700 के अहम स्तर को पार कर लिया। शुरुआती कारोबार में यह तेजी निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है, लेकिन इसके पीछे कई बड़े कारण छिपे हैं।
सुबह 9:20 बजे तक Sensex 407 अंकों यानी 0.54% की मजबूती के साथ 76,478.41 पर कारोबार करता दिखा। वहीं Nifty 142 अंक या 0.6% चढ़कर 23,723.25 पर पहुंच गया। आईटी, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को मजबूती मिली।
अमेरिका और एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भारतीय बाजार को सपोर्ट दिया। खासकर अमेरिकी बाजारों में मजबूती और डॉलर की स्थिरता ने निवेशकों के भरोसे को बढ़ाया है। हालांकि, इस तेजी के बीच एक बड़ा फैक्टर ऐसा है जो आगे की दिशा तय करेगा।
आज निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) के ब्याज दरों पर आने वाले फैसले पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि यह फैसला सिर्फ अमेरिकी ही नहीं बल्कि वैश्विक बाजारों पर असर डालेगा। अगर ब्याज दरों में बदलाव होता है, तो विदेशी निवेश का रुख भी बदल सकता है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ेगा।
बाजार की तेजी के बावजूद जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल निवेशकों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। अगर यह स्थिति और बिगड़ती है, तो बाजार में अचानक गिरावट भी देखने को मिल सकती है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार पूरी तरह वैश्विक घटनाओं पर निर्भर है। US Fed का फैसला और मध्य-पूर्व की स्थिति आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगे। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।