
शेयर बाजार (Img: Google)
New Delhi: भारतीय शेयर बाजार में आमतौर पर सप्ताहांत यानी शनिवार और रविवार को ट्रेडिंग नहीं होती है, लेकिन इस बार शनिवार, 4 अक्टूबर को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) एक खास मॉक ट्रेडिंग सेशन का आयोजन करने जा रहे हैं। आमतौर पर यह ट्रेडिंग सत्र सप्ताह के बाकी दिनों के मुकाबले छोटा होता है, और इसका उद्देश्य ब्रोकरों और निवेशकों को अपने ट्रेडिंग सिस्टम्स और इंफ्रास्ट्रक्चर का परीक्षण करने का मौका देना है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने एक हालिया नोटिफिकेशन में बताया कि इस खास मॉक ट्रेडिंग सत्र में कैपिटल मार्केट, फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O), मुद्रा डेरिवेटिव और कमोडिटी डेरिवेटिव सेक्शन के तहत ट्रेडिंग की जाएगी। इसके अलावा, ब्रोकर और अन्य शेयर बाजार सदस्य इसमें भाग ले सकते हैं, और सिस्टम या तकनीकी परीक्षण के तौर पर सत्र में शामिल हो सकते हैं।
मॉक ट्रेडिंग सेशन एक प्रकार का टेस्ट या अभ्यास सत्र होता है, जिसे शेयर बाजार के सभी सदस्य और ब्रोकर अपने सिस्टम्स और प्रक्रियाओं की जांच करने के लिए उपयोग करते हैं। यह सत्र असल में एक 'डेमो' ट्रेडिंग सत्र होता है, जिसमें वास्तविक व्यापार नहीं होता, बल्कि व्यापार से जुड़े सभी प्रौद्योगिकियों, उत्पादों, और ट्रेडिंग सिस्टम्स का परीक्षण किया जाता है।
इस मॉक ट्रेडिंग सत्र में कीमतों और ट्रेडिंग वैल्यू को मॉक ट्रेडिंग दरों पर प्रदर्शित किया जाता है, ताकि सिस्टम या अन्य तकनीकी पहलुओं में किसी तरह की समस्या न हो। इस प्रक्रिया के बाद, शुक्रवार को क्लोजिंग अपडेट की जाती है, और वास्तविक व्यापार में कोई दिक्कत न हो, यह सुनिश्चित किया जाता है।
एनएसई ने आज के मॉक ट्रेडिंग सेशन का पूरा टाइमिंग शेड्यूल जारी किया है-
मॉक ट्रेडिंग सेशन का प्रारंभ: सुबह 11:00 बजे
स्पेशल प्री-ओपन सेशन: 11:00 बजे से 11:45 बजे तक
ट्रेडिंग मार्केट का ओपनिंग: सुबह 11:15 बजे
बाजार बंद होने का समय: दोपहर 2:00 बजे
यह मॉक ट्रेडिंग सेशन खासतौर पर उन लोगों के लिए है जो नए सिस्टम या उपकरणों का परीक्षण करना चाहते हैं। इसके अलावा, यह सेशन ब्रोकरों को उनके ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स और उनके नेटवर्क के कामकाजी बग्स या अन्य तकनीकी खामियों को दूर करने का मौका भी देता है।
प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स-गूगल)
शेयर बाजार में नियमित रूप से ट्रेडिंग करने से पहले, ब्रोकर और बाजार के सदस्य अपनी तकनीकी तैयारियों की जांच करना चाहते हैं। एक मॉक ट्रेडिंग सत्र के दौरान, वे यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनका सिस्टम बिना किसी रुकावट के काम कर रहा है और किसी भी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी से बचा जा सकता है।
Stock Market: लगातार गिर रहा शेयर बाजार, सेंसेक्स 400 अंक फिसला, जानिए गिरावट की बड़ी वजहें
इन सत्रों में ब्रोकर अपनी नई प्रणालियों और सॉफ्टवेयर का परीक्षण कर सकते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि असल में जब बाजार खुलेगा, तब सब कुछ सही तरीके से काम करेगा। इसके अलावा, मॉक ट्रेडिंग में किसी भी तरह के नुकसान या जोखिम का सामना नहीं करना पड़ता, क्योंकि यह सारा अभ्यास केवल परीक्षण के रूप में होता है।
4 अक्टूबर, 2025 को यह एक विशेष मॉक ट्रेडिंग सत्र होगा, जिसमें असल ट्रेडिंग नहीं होगी। हालांकि, यह सत्र ट्रेडिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर की परख करने के लिए आयोजित किया जा रहा है। यह दिन शनिवार होने के कारण आमतौर पर शेयर बाजार बंद रहते हैं। हालांकि, विशेष सत्रों के लिए एनएसई और बीएसई द्वारा पूर्व सूचनाएं दी जाती हैं, और इस बार भी यही हुआ है।
शेयर बाजार में किसी भी प्रकार के महत्वपूर्ण बदलावों को ध्यान में रखते हुए, ब्रोकर और निवेशक अपने उपकरणों और सिस्टम का परीक्षण करना चाहते हैं। खासकर तब, जब नए उत्पाद या सेवाएं पेश की जा रही हों, तो मॉक ट्रेडिंग सत्र एक अहम भूमिका निभाता है। यह सेशन इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दौरान ब्रोकर अपने कामकाजी बग्स को पहचान सकते हैं और सिस्टम में सुधार कर सकते हैं।
शेयर बाजार में ट्रेडिंग का शेड्यूल आमतौर पर सप्ताह के दौरान ही चलता है, लेकिन 4 अक्टूबर को इस विशेष मॉक ट्रेडिंग सेशन के द्वारा ब्रोकर और सदस्य अपने सिस्टम की परख कर सकते हैं। यह सेशन शाम 2:00 बजे तक चलेगा और इस दौरान असल ट्रेडिंग का कोई भी लेन-देन नहीं होगा।
Location : New Delhi
Published : 4 October 2025, 9:10 AM IST