मुंबई में शुक्रवार को शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला, जहां सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में शुरुआती कारोबार में कमजोरी देखी गई। इसी बीच रुपया डॉलर के मुकाबले 94.15 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया, जिससे बाजार में चिंता का माहौल बना हुआ है।

शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Mumbai: मुंबई में शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला। प्री-ओपनिंग सेशन से ही बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिसका असर प्रमुख सूचकांकों पर साफ दिखाई दिया। कारोबार की शुरुआत में BSE Sensex 389.66 अंकों की गिरावट के साथ 74,883.79 पर पहुंच गया, जबकि NSE Nifty 50 132.90 अंक टूटकर 23,173.55 पर आ गया। निफ्टी का 23,200 के स्तर से नीचे जाना निवेशकों की चिंता बढ़ाने वाला संकेत माना जा रहा है।
सुबह 9:22 बजे, BSE सेंसेक्स 805.22 अंक गिरकर 74,468.23 पर आ गया, जबकि NSE निफ्टी 224.35 अंक गिरकर 23,082.10 पर आ गया। इस गिरावट के पीछे वैश्विक अनिश्चितता और पश्चिम एशिया संकट को मुख्य कारण माना जा रहा है।
भारतीय रुपया पहली बार डॉलर के मुकाबले 94.15 के स्तर पर गिर गया, जो इसका अब तक का सबसे निचला स्तर है। रुपये की कमजोरी ने बाजार के सेंटिमेंट पर नकारात्मक असर डाला है, जिससे आयात की कीमतें बढ़ने और महंगाई बढ़ने की आशंकाएं बढ़ गई हैं।
ईरान युद्ध के कारण वैश्विक तेल बाजार में रूस को भारी फायदा होने की उम्मीद है। रिपोर्टों के अनुसार, रूस लगभग 760 मिलियन डॉलर कमा सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण कच्चे तेल की कीमतें लगभग 38% बढ़कर लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं।
ईरान युद्ध के कारण भारतीय एयरलाइंस ने अपनी लगभग 10% उड़ानें कम कर दी हैं। खाड़ी देशों की उड़ानें विशेष रूप से प्रभावित हुई हैं; 28 फरवरी से अब तक हर चार में से तीन उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इससे यात्रियों को काफी असुविधा हो रही है।
निफ्टी इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स (India VIX) लगभग 6.7% बढ़कर 26.30 पर पहुंच गया है। यह निकट भविष्य को लेकर निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता को दर्शाता है, और बाजार में अस्थिरता जारी रह सकती है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 10 रुपय प्रति लीटर की कटौती की घोषणा की है। इससे उपभोक्ताओं को बढ़ती कीमतों से राहत मिलने की उम्मीद है।
PB Fintech की सहायक कंपनी, Paisa bazaar को बेनामी संपत्ति लेनदेन अधिनियम के तहत एक नोटिस मिला है। इस मामले में Paisa bazaar को 'लाभार्थी स्वामी' (Beneficial Owner) घोषित किया गया है, जिससे कंपनी के शेयरों पर दबाव पड़ सकता है।