शेयर बाजार में हाहाकार! वैश्विक दबाव और तेल की कीमतों में उछाल से औंधे मुंह गिरा सेंसेक्स

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई है। सेंसेक्स 78,000 के नीचे फिसल गया है, जबकि निफ्टी में भी बड़ी कमजोरी आई है। जानिए बाजार के इस हाल की पूरी वजह।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 12 August 2026, 10:52 AM IST

New Delhi: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार के लिए दिन की शुरुआत काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। गिफ्ट निफ्टी के सुस्त संकेतों के उलट बाजार ने मिश्रित शुरुआत की, लेकिन जल्द ही वैश्विक दबाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण बिकवाली हावी हो गई। खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।

बाजार का हाल: बिकवाली का दबाव

कारोबार शुरू होने के कुछ ही मिनटों के भीतर बाजार की चाल डगमगा गई। सेंसेक्स ने 109 अंकों की तेजी के साथ 78,263 के स्तर पर दिन की शुरुआत की थी, लेकिन यह बढ़त कायम नहीं रह सकी। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनी अनिश्चितताओं के चलते सेंसेक्स 293 अंक फिसलकर 77,860 के स्तर पर आ गया। वहीं, निफ्टी जो 24,472 के स्तर पर सपाट खुला था, वह भी दबाव में आकर 99 अंकों की गिरावट के साथ 24,372 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।

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एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख

एशियाई बाजारों में आज निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। बाजार की नजरें अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों और ईरान-अमेरिका के बीच जारी कूटनीतिक गतिरोध पर टिकी हैं। मिला-जुला असर यह है कि जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.8% की मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। वहीं, दक्षिण कोरियाई बाजार में 2.43% की जोरदार तेजी देखी गई, जिसका मुख्य कारण सैमसंग जैसे बड़े सेमीकंडक्टर शेयरों में आई मजबूती है। इसके विपरीत, हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.10% की गिरावट के साथ कमजोरी प्रदर्शित कर रहा है।

अमेरिकी बाजारों में सुस्ती

मंगलवार को अमेरिकी बाजार लाल निशान में बंद हुए थे, जिसका असर आज के भारतीय बाजार पर भी स्पष्ट है। S&P 500 इंडेक्स 0.32%, नैस्डैक 0.60% और डाऊ जोन्स 0.34% की गिरावट के साथ बंद हुए थे। आज बुधवार को अमेरिकी फ्यूचर्स भी सुस्ती के साथ कारोबार कर रहे हैं, जहां डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स सपाट बना हुआ है, जबकि S&P 500 और नैस्डैक में मामूली बढ़त दर्ज की गई है।

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कच्चे तेल में लगातार तेजी

भारतीय बाजार की चिंता का मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में लगातार छठे दिन देखी जा रही तेजी है। ब्रेंट क्रूड 0.81% की उछाल के साथ 89.63 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जो 90 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब है। इसी तरह, अमेरिकी कच्चा तेल (WTI) भी 0.85% की तेजी के साथ 83.91 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। ऊर्जा की कीमतों में यह उछाल महंगाई का डर पैदा कर रहा है, जिससे निवेशक अपनी जोखिम वाली संपत्तियों से दूरी बना रहे हैं।

Location :  New Delhi

Published :  12 August 2026, 10:52 AM IST