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MCX पर मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। गोल्ड फ्यूचर और सिल्वर फ्यूचर पिछली क्लोजिंग से नीचे ट्रेड कर रहे हैं। जानिए आज का लेटेस्ट रेट, शहरों के भाव और निवेशकों के लिए क्या है संकेत।
सोने का भाव (Img: Google)
New Delhi: घरेलू फ्यूचर मार्केट में पिछले कुछ दिनों से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मंगलवार, 10 फरवरी को एक बार फिर इन बहुमूल्य धातुओं पर दबाव दिखाई दिया। Multi Commodity Exchange (MCX) पर गोल्ड और सिल्वर दोनों की कीमतें पिछली क्लोजिंग के मुकाबले नीचे कारोबार करती नजर आईं, जिससे निवेशकों का रुख थोड़ा सतर्क हो गया है।
एमसीएक्स पर 2 अप्रैल 2026 एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर मंगलवार को ₹1,56,001 प्रति 10 ग्राम पर ओपन हुआ। इससे पहले के कारोबारी सत्र में यही कॉन्ट्रैक्ट ₹1,58,066 पर बंद हुआ था। सुबह करीब 9:55 बजे, गोल्ड फ्यूचर ₹1,57,390 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जो कि पिछले बंद भाव से करीब ₹676 की गिरावट को दिखाता है। शुरुआती कारोबार में सोना ₹1,58,070 के हाई लेवल तक जरूर पहुंचा, लेकिन वहां टिक नहीं सका।
विशेषज्ञों के मुताबिक, ग्लोबल मार्केट से कमजोर संकेत, डॉलर में मजबूती और हालिया ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के चलते सोने पर दबाव बना हुआ है।
चांदी की बात करें तो 5 मार्च 2026 एक्सपायरी वाला सिल्वर फ्यूचर एमसीएक्स पर ₹2,57,150 प्रति किलो के आसपास ट्रेड करता दिखा। यह पिछली क्लोजिंग के मुकाबले लगभग ₹5,400 की गिरावट है। शुरुआती सत्र में सिल्वर ने ₹2,60,527 का हाई भी छुआ था, लेकिन बाद में बिकवाली हावी हो गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोर मांग और इंडस्ट्रियल मेटल्स में दबाव का असर चांदी की कीमतों पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
देश के प्रमुख शहरों में स्पॉट मार्केट में चांदी के दाम इस प्रकार रहे:
10 ग्राम चांदी: करीब ₹2,900 से ₹3,000
100 ग्राम चांदी: लगभग ₹29,000
आज के सोने के रेट (प्रति 10 ग्राम)
प्रमुख शहरों में सोने के भाव लगभग इस स्तर पर रहे:
24 कैरेट गोल्ड: ₹1,57,900 – ₹1,59,060
22 कैरेट गोल्ड: ₹1,44,750 – ₹1,45,800
18 कैरेट गोल्ड: ₹1,18,440 – ₹1,25,300
शहर के हिसाब से कीमतों में हल्का अंतर टैक्स, मेकिंग चार्ज और लोकल डिमांड की वजह से देखने को मिलता है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने-चांदी में फिलहाल वोलैटिलिटी बनी रह सकती है। ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा, डॉलर इंडेक्स और ब्याज दरों से जुड़े संकेत आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा तय करेंगे।
लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी का मौका बन सकता है, लेकिन शॉर्ट टर्म में सावधानी जरूरी है।