
भारत-अमेरिका व्यापार संधि
नई दिल्ली:भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है। दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी नई दिल्ली में बैठकर व्यापारिक रिश्तों को और मजबूत बनाने के रास्ते तलाश रहे हैं। लेकिन इसी दौरान अमेरिका की ओर से उठाया गया एक कदम कई सवाल खड़े कर रहा है।
अमेरिका एक तरफ भारत के साथ व्यापार वार्ता कर रहा है और दूसरी ओर भारतीय आयात पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की तैयारी में है। यूएस ट्रेड रिप्रजेंटेटिव के मुताबिक भारतीय आयात पर 12.5 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है। भारत के साथ-साथ 53 और देशों पर भी यह टैरिफ लगाया जा सकता है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिका और भारत के बीच नई दिल्ली में व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है।
यूएस ट्रेड रिप्रजेंटेटिव की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि भारत फोर्स्ड लेबर यानी जबरदस्ती कराए गए श्रम से बने सामान के आयात पर रोक लगाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने में नाकाम रहा है। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि इस रोक को लगाने और प्रभावी ढंग से लागू करने में यह नाकामी तर्कों से परे है और इससे अमेरिका के ट्रेड पर बोझ पड़ता है या वह बाधित होता है।
सेक्शन 301 अमेरिका के ट्रेड एक्ट, 1074 का एक हिस्सा है। असल में यह ट्रेड एनफोर्समेंट टूल है। यह अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि को विदेशी सरकारों के काम, नीतियों और तरीकों की जांच करने का अधिकार देता है। वे इस बात की जांच कर सकते हैं कि विदेशी सरकारों का काम, नीतियां और तरीके अनुचित या भेदभावपूर्ण हैं या नहीं। साथ ही वे अमेरिका के व्यापार को किस तरह प्रभावित करते हैं।
इन देशों पर अतिरिक्त टैरिफ का प्रस्ताव
भारत के अलावा 53 और देश भी इस लिस्ट में शामिल हैं। इनमें अर्जेंटीना, बांग्लादेश, ब्राजील, कंबोडिया, चिली, चीन, कोलंबिया, मिस्र, हॉन्ग कॉन्ग, जापान, इराक, मलेशिया, न्यूजीलैंड, नॉर्वे, रूस, सऊदी अरब, सिंगापुर, साउथ अफ्रीका, साउथ कोरिया, श्रीलंका, ताइवान, तुर्की, यूके, वेनेजुएला और वियतनाम शामिल हैं।
Location : New Delhi
Published : 4 June 2026, 12:32 PM IST