सीबीएसई से जुड़ी बड़ी खबर, विवादों को बीच चेयरमैन आईएएस राहुल सिंह समेत दो को हटाया, OSM शीट पर कमेटी गठित

CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। CBSE चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया गया है। साथ ही OSM में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन भी किया गया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 2 June 2026, 6:25 PM IST

New Delhi: देश के सबसे बड़े शिक्षा बोर्ड CBSE में चल रहे OSM (ऑन-स्क्रीन मार्किंग) विवाद ने अब बड़ा प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। केंद्र सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई की है। OSM प्रणाली में सामने आई कथित गड़बड़ियों और बढ़ते विवाद के बीच CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया गया है। इसके साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन भी किया गया है।

विवाद ने बढ़ाई सरकार की चिंता

CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से लागू किया गया था। लेकिन हाल के दिनों में इस प्रणाली को लेकर कई तरह की शिकायतें सामने आने लगी थीं। आरोप लगाए जा रहे थे कि मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीकी खामियां और प्रशासनिक स्तर पर कमियां मौजूद हैं, जिनका असर छात्रों के परिणामों पर पड़ सकता है।

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दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों का तबादला

सरकार ने CBSE चेयरमैन IAS राहुल सिंह और बोर्ड के सचिव IAS हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया है। दोनों अधिकारी लंबे समय से CBSE में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को OSM विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। राहुल सिंह वर्ष 1996 बैच के IAS अधिकारी हैं और CBSE के चेयरमैन के रूप में कार्यरत थे। वहीं हिमांशु गुप्ता AGMUT कैडर के 2012 बैच के IAS अधिकारी हैं।

एस. राधा चौहान करेंगी जांच समिति की अगुवाई

सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस विशेष जांच समिति की अध्यक्षता क्षमता निर्माण आयोग (Capacity Building Commission) की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान करेंगी। समिति को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह CBSE द्वारा OSM सेवाओं की खरीद से जुड़े सभी दस्तावेजों, प्रक्रियाओं और निर्णयों की गहन जांच करे।

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एक महीने में सरकार को देनी होगी रिपोर्ट

सरकार ने जांच समिति को स्पष्ट समयसीमा भी तय करके दी है। समिति को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट तैयार कर कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को सौंपनी होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे की कार्रवाई करेगी। यदि जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी, लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित पक्षों के खिलाफ कार्रवाई भी संभव मानी जा रही है।

Location :  New Delhi

Published :  2 June 2026, 6:03 PM IST