
राखी पर CM सम्राट का बड़ा ऐलान (IMG: Dynamite News)
Patna: रक्षाबंधन के मौके पर बिहार सरकार ने महिलाओं के लिए ऐसा विजन सामने रखा है, जिस पर अब सबकी नजर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रदेश की महिलाओं और बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार देने का लक्ष्य तय करने की बात कही है। सीएम ने कहा कि सरकार का फोकस अब सिर्फ महिलाओं को योजनाओं का लाभ देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन्हें रोजगार, शिक्षा और आर्थिक मजबूती से जोड़कर स्वावलंबी बनाने पर रहेगा। राखी के मौके पर मुख्यमंत्री ने महिला विश्वविद्यालय से लेकर जीविका दीदियों के घरों पर सोलर पैनल लगाने और महिला रोजगार योजना के तहत आर्थिक मदद देने तक कई घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बिहारवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का पर्व है। यह त्योहार पारिवारिक मूल्यों और रिश्तों की मिठास को और मजबूत करता है। मुख्यमंत्री ने कामना की कि सभी भाई-बहनों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशियां आएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020 में सरकार ने 10 लाख सरकारी नौकरियां और 10 लाख रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया था। सरकार के मुताबिक, इस लक्ष्य को पार करते हुए अब तक 50 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार और अवसर उपलब्ध कराए जा चुके हैं। अब सरकार ने इससे आगे का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मुताबिक, आगामी विजन के तहत एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार देकर उन्हें स्वावलंबी और समृद्ध बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का दावा है कि इस पहल से बड़ी संख्या में महिलाएं आर्थिक गतिविधियों से जुड़ेंगी और परिवार की आय बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएंगी।
महिलाओं के लिए रोजगार के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि बिहार की बेटियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर देने के लिए राज्य में एक महिला विश्वविद्यालय का निर्माण कराया जाएगा। इस विश्वविद्यालय की सबसे खास बात यह होगी कि यहां प्राध्यापक से लेकर कुलपति और अन्य प्रमुख पदों पर महिलाओं को जिम्मेदारी देने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विश्वविद्यालय बेटियों के सपनों को नई दिशा देगा।
रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों को लेकर भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि बिहार की करीब 10 लाख जीविका दीदियों के परिवारों को प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत जीविका दीदियों के घरों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में राहत मिलेगी और स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत करीब पांच लाख वाहनों के लिए राशि उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जीविका के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाएं पशुपालन, कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और दूसरे रोजगार से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं। सीएम के मुताबिक, बिहार में करीब 50 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। सरकार इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है।
बिहार सरकार पहले से ही महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35 फीसदी आरक्षण देने की व्यवस्था का उल्लेख करती रही है। इसके अलावा पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था है। सरकार की ओर से महिलाओं और बेटियों के लिए महिला रोजगार योजना, बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना, मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप, पोशाक और साइकिल योजनाओं जैसी कई योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं।
रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री की घोषणाओं से साफ है कि बिहार सरकार महिला सशक्तिकरण को रोजगार और शिक्षा से जोड़ने पर जोर दे रही है। एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार देने का लक्ष्य आने वाले समय में सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है।
Location : Patna
Published : 28 August 2026, 12:28 PM IST