Bhagalpur Power Crisis: भागलपुर में गहराया बिजली संकट, दम तोड़ने लगा कारोबार, व्यापारी और आम जनता परेशान

भागलपुर में बिजली संकट से व्यापार जगत बेहाल है। आंधी और गर्मी के कारण बिजली कटौती बढ़ने से बाजारों में अंधेरा है, जिससे बिक्री 50% तक गिर गई है। शहर में रोजाना 20 हजार लीटर डीजल अतिरिक्त जल रहा है और इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार ठप है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 29 May 2026, 1:16 PM IST

Bhagalpur: बिहार के भागलपुर शहर में इन दिनों बिजली संकट ने आम लोगों के साथ-साथ व्यापारियों की परेशानी को बेहद बढ़ा दिया है। इस साल गर्मी की शुरुआत होते ही घोषित-अघोषित बिजली कटौती का सिलसिला बढ़ गया था, रही-सही कसर हाल ही में आई तेज आंधी ने पूरी कर दी। आंधी के कारण जगह-जगह बिजली के पोल धराशायी हो गए और तार टूट गए, जिससे पूरी विद्युत आपूर्ति व्यवस्था बदहाल हो गई है।

शहर के मुख्य बाजारों में इस बिजली संकट का सबसे घातक असर व्यापार पर पड़ रहा है। व्यापारियों का साफ कहना है कि अंधेरी गलियों में स्थित करीब 60 फीसदी दुकानों का कारोबार इससे बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जबकि कई क्षेत्रों में तो बिक्री 50 फीसदी तक नीचे गिर गयी है।

जेनरेटर के सहारे चल रहा बाजार, डीजल की भारी खपत

इस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष और थोक कपड़ा कारोबारी श्रवण बाजोरिया ने बाजार के हालातों पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि बिजली संकट के गंभीर होने के कारण शहर के अपार्टमेंट्स से लेकर मुख्य बाजारों तक में जेनरेटर पर निर्भरता बहुत ज्यादा बढ़ गयी है। एक अनुमान के मुताबिक, इस समय पूरे शहर में करीब 3000 छोटे-बड़े जेनसेट लगातार चल रहे हैं।

इन जेनरेटरों को चलाने के लिए प्रतिदिन लगभग 20 हजार लीटर डीजल की अतिरिक्त खपत हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि डीजल और अन्य पेट्रोलियम पदार्थों की लगातार बढ़ती कीमतों का सीधा वित्तीय बोझ व्यापारियों और उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है। इसके साथ ही शहर में ध्वनि और वायु प्रदूषण भी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।

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अंधेरी गलियों में जाने से कतरा रहे हैं ग्राहक

भागलपुर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र जैसे सोनापट्टी, मारवाड़ी टोला लेन, कलाली गली, हड़ियापट्टी, जैन कटरा और लोहापट्टी जैसे बाजारों की अधिकांश दुकानें बेहद संकरी गलियों में स्थित हैं। बिजली गुल रहने पर इन पूरी गलियों में घाना अंधेरा छा जाता है, जिसके चलते ग्राहक इन बाजारों में खरीदारी करने के लिए अंदर पहुंचने से कतरा रहे हैं।

जिला स्वर्णकार संघ के पूर्व सचिव विजय साह ने बताया कि आंधी आने से पहले भी स्थिति अच्छी नहीं थी और दिनभर में करीब 20 बार बिजली कटती थी। आंधी के आने के बाद तो दो दिनों तक बिजली पूरी तरह बाधित रही और अब जब आपूर्ति बहाल भी हुई है, तब भी बार-बार की जा रही कटौती ने व्यापार की कमर तोड़ कर रख दी है।

इलेक्ट्रॉनिक और पंखों के कारोबार पर सबसे ज्यादा मार

इस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष शरद सलारपुरिया ने बताया कि बिजली संकट के चलते इस बार बिजली से संचालित होने वाले सामानों के कारोबार में ही करीब 50 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गयी है। इलेक्ट्रॉनिक व्यवसायियों से मिले आंकड़ों के अनुसार, भीषण गर्मी के बावजूद फ्रिज, एसी और कूलर की बिक्री आधी रह गयी है, क्योंकि लोग बिजली न रहने के डर से नए उपकरण खरीदने से बच रहे हैं।

इसके अलावा एलसीडी टीवी और वॉशिंग मशीन के कारोबार में भी 30 से 40 फीसदी की गिरावट देखी गई है। स्थानीय व्यवसायी नवनीत ढांढानिया ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि जहां पहले गर्मियों में रोजाना 100 पंखों तक की बिक्री आसानी से हो जाती थी, वहीं अब पूरे दिन में 50 पंखे बेचना भी मुश्किल काम हो गया है।

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शाम होते ही छा जाता है सन्नाटा, ठंडे पेय की बिक्री भी घटी

रेडीमेड कपड़ा व्यवसायी अभिषेक जोशी ने बताया कि बिजली की कोई निश्चित व्यवस्था नहीं होने के कारण शाम होते ही बाजारों में रौनक गायब हो जाती है और ग्राहक बाजार आना बेहद कम कर देते हैं। अत्यधिक गर्मी और दुकानों के अंदर फैले अंधेरे की वजह से ग्राहक और दुकानदार दोनों ही बेहाल रहते हैं, जिससे पूरा रेडीमेड बाजार प्रभावित हो रहा है।

वहीं जेनरल स्टोर व्यवसायी विजय कुमार ने कहा कि बिजली संकट की मार कोल्ड ड्रिंक्स और आइसक्रीम के धंधे पर भी पड़ी है। रेफ्रिजरेटर ठीक से न चल पाने के कारण शहर की 300 से अधिक दुकानों पर ठंडे पेय पदार्थों की बिक्री में भारी कमी आई है, जिससे दुकानदारों का माल खराब होने का डर बना रहता है।

व्यापारियों ने प्रशासन से की स्थायी समाधान की मांग

भागलपुर के समस्त व्यापारी संगठन और दुकानदारों का कहना है कि अगर बिजली विभाग और जिला प्रशासन ने जल्द ही इस बदहाल व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया, तो आगामी दिनों में बाजार का कारोबार पूरी तरह ठप हो सकता है। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि युद्धस्तर पर अभियान चलाकर आंधी से टूटे हुए पोल और तारों की तुरंत मरम्मत की जाए।

इसके साथ ही शहर के व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों में निर्बाध व सुचारू बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कोई स्थायी और ठोस व्यवस्था की जाए, ताकि पटरी से उतर चुके व्यापार को दोबारा संभाला जा सके।

Location :  Bhagalpur

Published :  29 May 2026, 1:16 PM IST