बगहा में यूरिया पर बवाल! पैसे लेने के बाद भी किसानों को नहीं मिली खाद, कालाबाजारी के आरोप

बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा में यूरिया वितरण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। किसानों ने एक लाइसेंसधारी खाद विक्रेता पर पैसे लेने के बावजूद यूरिया नहीं देने और कालाबाजारी का आरोप लगाया है। कृषि विभाग ने मामले की जांच शुरू कर विक्रेता से 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 1 August 2026, 6:06 PM IST

Patna: खरीफ सीजन के बीच यूरिया की कमी से जूझ रहे किसानों का सब्र अब टूटने लगा है। पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा में शनिवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब दर्जनों किसानों ने एक लाइसेंसधारी खाद विक्रेता पर पैसे लेने के बावजूद यूरिया नहीं देने का आरोप लगाते हुए सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों का कहना है कि ऑनलाइन और नकद भुगतान करने के बाद भी कई दिनों से उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। आरोप है कि कृत्रिम कमी पैदा कर अधिक कीमत वसूली जा रही है। मामले की शिकायत प्रशासन तक पहुंचने के बाद कृषि विभाग ने जांच शुरू कर दी है।

बेलवा-डुमरिया चौक पर किसानों का प्रदर्शन

बगहा प्रखंड की सिगाड़ी पिपरिया पंचायत स्थित रवि खाद भंडार के खिलाफ शनिवार को किसानों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज किसानों ने बेलवा-डुमरिया चौक पर प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन कर रहे किसानों का आरोप है कि खाद विक्रेता ने यूरिया उपलब्ध कराने के नाम पर उनसे पहले भुगतान ले लिया, लेकिन तय समय पर खाद नहीं दी। कई दिनों से दुकान के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें सिर्फ इंतजार करने को कहा जा रहा है।

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किसानों ने लगाए रुपये लेकर खाद न देने के आरोप

प्रदर्शन के दौरान कई किसानों ने अपनी आपबीती सुनाई। किसान रामकिशुन यादव ने आरोप लगाया कि उनसे एक बोरी यूरिया के लिए 700 रुपये लिए गए, लेकिन खाद अब तक नहीं मिली। वहीं लालू साह का कहना है कि उनसे एक बोरी यूरिया के लिए 1100 रुपये लिए गए, इसके बावजूद उन्हें खाद नहीं दी गई। इसी तरह अमित गिरी ने आरोप लगाया कि उन्होंने चार बोरी यूरिया के लिए 4400 रुपये जमा किए, लेकिन अब तक एक भी बोरी नहीं मिली। उदयभान यादव और अहिल्या देवी ने भी भुगतान के बावजूद खाद नहीं मिलने का आरोप लगाया।

लाइसेंस रद्द करने की मांग

ग्रामीणों और किसानों ने पूरे मामले की लिखित शिकायत स्थानीय जनप्रतिनिधियों को देने की बात कही है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खाद की कृत्रिम कमी दिखाकर किसानों से अधिक कीमत वसूली जा रही है और कालाबाजारी के जरिए अनुचित लाभ कमाने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों ने मांग की है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित खाद विक्रेता का लाइसेंस रद्द किया जाए और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

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जनप्रतिनिधियों ने जांच का दिया भरोसा

प्रखंड बगहा-एक के एमएलसी प्रतिनिधि एवं पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि दीपक पाण्डेय ने बताया कि उन्हें पंचायत के लोगों से इस मामले की शिकायत मिली है। इसकी जानकारी एमएलसी सौरभ कुमार को भी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि शिकायत संबंधित विभाग को भेजी जाएगी और जांच में आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही किसानों से अपील की कि उर्वरक खरीदते समय हमेशा रसीद लें और किसी भी गड़बड़ी की सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें।

कृषि विभाग ने शुरू की जांच

प्रखंड बगहा-एक के कृषि पदाधिकारी अभय मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित खाद विक्रेता से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने कहा कि यदि विक्रेता का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो रिपोर्ट जिला कार्यालय को भेजी जाएगी, जिसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Patna

Published :  1 August 2026, 6:06 PM IST