मुठभेड़ या साजिश? भोजपुर एनकाउंटर में नया मोड़, सरेंडर के बाद बेटे को मारी 5 गोलियां, जानें क्या है सच

आरा के बिलौटी गांव में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत भूषण तिवारी के परिजनों ने सरेंडर के बाद 5 गोलियां मारने का संगीन आरोप लगाया है। पिता का कहना है कि बेटा अपराधी नहीं था और गांव में शोरूम खोलने की तैयारी कर रहा था। निष्पक्ष जांच की मांग।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 18 June 2026, 4:01 PM IST

Ara: बिहार के भोजपुर (आरा) जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हाल ही में हुई पुलिस मुठभेड़ (Police Encounter) का मामला अब गरमाता जा रहा है। इस मुठभेड़ में मारे गए युवक भरत भूषण तिवारी के परिजनों ने पुलिसिया कार्रवाई पर कई बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।

मृतक के परिवार का सीधा आरोप है कि यह कोई सामान्य मुठभेड़ नहीं थी, बल्कि आत्मसमर्पण (Surrender) करने के बाद युवक को जानबूझकर गोली मारी गई है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव और असमंजस का माहौल बना हुआ है।

मां का रो-रोकर बुरा हाल

मृतक भरत भूषण तिवारी की मां ने रोते हुए पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप मढ़े हैं। उनका कहना है कि भरत की मानसिक स्थिति पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रही थी। घटना के वक्त उसने पुलिस के सामने पूरी तरह से आत्मसमर्पण कर दिया था।

मां का दावा है कि सरेंडर करने और निहत्था होने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने उस पर बेरहमी से गोलियां बरसा दीं। परिजनों के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने के बाद भरत को एक-दो नहीं बल्कि पूरे पांच गोलियां मारी गईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

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परिजनों का आरोप

भरत भूषण तिवारी चार भाई-बहनों में मंझला था। उसके बड़े भाई का नाम वसंत तिवारी और छोटे भाई का नाम चंदन तिवारी है। घटना के बाद से ही पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। स्वजनों का यह भी आरोप है कि इस पूरी हिंसक घटना के बाद पुलिस ने उन्हें अपने बेटे से मिलने या उसका शव तक देखने की इजाजत नहीं दी।

पुलिस आनन-फानन में भरत के शव को अपने साथ लेकर सीधे आरा जिला मुख्यालय चली गई। परिवार को इस बात की भनक तक नहीं है कि भरत के पास पिस्टल कहाँ से आई, क्योंकि वह हमेशा गांव और समाज के मुद्दों पर खुलकर आवाज उठाता था।

शोरूम खोलने की थी तैयारी

भरत के पिता ने बताया कि उनका बेटा कोई अपराधी नहीं था, बल्कि वह बिलौटी गांव में ही इलेक्ट्रिक बाइक का एक नया शोरूम खोलने की भव्य तैयारी कर रहा था। इसके लिए आवश्यक व्यावसायिक लाइसेंस हेतु संबंधित विभाग में आवेदन भी दिया जा चुका था। वह अपने भविष्य को लेकर योजनाएं बना रहा था।

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पुलिस मुठभेड़ की इस थ्योरी को पूरी तरह खारिज करते हुए पीड़ित परिवार ने अब सरकार और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की पुरजोर मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

Location :  Ara

Published :  18 June 2026, 2:41 PM IST