E20 पेट्रोल से खराब हो रहा है आपकी गाड़ी का इंजन? संसद में नितिन गडकरी ने दिया जवाब

क्या E20 पेट्रोल से खराब हो रहा है गाड़ियों का इंजन? लोकसभा में नितिन गडकरी ने स्पष्ट किया कि व्यापक वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद ही E20 ईंधन लागू किया गया है। सर्विस रिकॉर्ड में इंजन खराबी का कोई मामला नहीं मिला है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 30 July 2026, 4:24 PM IST

New Delhi: देश में E20 यानी 20 फीसदी इथेनॉल मिले पेट्रोल को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं। खासकर यह कि क्या इससे गाड़ी के इंजन पर असर पड़ता है? इन सवालों का जवाब देते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में कहा कि E20 पेट्रोल को पूरी तैयारी और वैज्ञानिक जांच के बाद ही लागू किया गया है। इसे एक साथ नहीं, बल्कि धीरे-धीरे पूरे देश में शुरू किया गया।

उन्होंने बताया कि इस पहल को लागू करने से पहले इथेनॉल का उत्पादन बढ़ाया गया और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया।

लॉन्च से पहले व्यापक टेस्टिंग

गडकरी ने कहा कि E20 पेट्रोल लॉन्च करने से पहले इंजन, फ्यूल सिस्टम, गाड़ी की परफॉर्मेंस, उत्सर्जन और अन्य जरूरी पहलुओं की व्यापक टेस्टिंग की गई थी। सभी टेस्ट सफल होने के बाद ही इसे मंजूरी दी गई।

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इस प्रक्रिया में गाड़ी बनाने वाली कंपनियां, ऑटो-पार्ट्स बनाने वाली कंपनियां, रिसर्च एजेंसियां, तेल कंपनियां और इथेनॉल इंडस्ट्री शामिल थीं।

क्या E20 से इंजन खराब हो रहा है?

सरकार का कहना है कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे पता चले कि E20 पेट्रोल से इंजन खराब होता है। लैब टेस्ट, रोड ट्रायल या रोज़ाना इस्तेमाल के दौरान कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई है।

गडकरी ने बताया कि देश में पिछले साढ़े तीन साल से E15 से ज्यादा इथेनॉल वाले पेट्रोल का इस्तेमाल हो रहा है, जबकि E19 और E20 ब्लेंड का इस्तेमाल ढाई साल से ज्यादा समय से हो रहा है। अभी, 20 करोड़ से ज्यादा दो-पहिया वाहन और 3 करोड़ से ज्यादा पेट्रोल कारें इस फ्यूल पर चल रही हैं।

सर्विस रिकॉर्ड में कोई शिकायत नहीं

सरकार ने संसद में गाड़ी बनाने वाली कंपनियों के सर्विस रिकॉर्ड का भी जिक्र किया। एक बड़ी कंपनी ने 2025-26 फाइनेंशियल ईयर के दौरान लगभग 2.84 करोड़ गाड़ियों की सर्विस की, जिसमें 1.5 करोड़ पुरानी गाड़ियां भी शामिल थीं।

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कंपनी को E20 पेट्रोल की वजह से इंजन फेल होने, जंग लगने या पार्ट्स के समय से पहले खराब होने का कोई मामला नहीं मिला। दो-पहिया वाहन बनाने वाली एक प्रमुख कंपनी ने भी ऐसी किसी समस्या के होने से इनकार किया है।

माइलेज पर पड़ सकता है असर

सरकार ने माना है कि खास तौर पर E10 पेट्रोल के लिए बनी कुछ पुरानी गाड़ियों में माइलेज 2 से 6 प्रतिशत तक कम हो सकता है। हालांकि, यह अंतर सड़क की स्थितियों, गाड़ी चलाने की आदतों और गाड़ी के रखरखाव पर भी निर्भर करता है।

Location :  New Delhi

Published :  30 July 2026, 4:24 PM IST