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ड्राइविंग लाइसेंस के बदले नियम (Img- AI)
New Delhi: ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों और उसमें अपनी जानकारी अपडेट कराने वालों के लिए अहम खबर है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन नियमों में बदलाव का मसौदा जारी किया है। इसमें ड्राइविंग लाइसेंस पर ब्लड ग्रुप, मोबाइल नंबर और आपातकालीन संपर्क की जानकारी दर्ज करना अनिवार्य करने का प्रस्ताव शामिल है।
इसके अलावा, लाइसेंस पर राष्ट्रीयता लिखने, भारतीय और विदेशी नागरिकों के लिए अलग-अलग रंग योजना लागू करने तथा आयु और पते के प्रमाण के रूप में शपथपत्र स्वीकार करने की व्यवस्था खत्म करने की बात कही गई है। ध्यान दें, ये अभी प्रस्ताव हैं, लागू नियम नहीं।
मंत्रालय के प्रस्ताव के मुताबिक, ड्राइविंग लाइसेंस पर धारक का ब्लड ग्रुप, मोबाइल नंबर और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट डिटेल्स दर्ज की जा सकती हैं। साथ ही लाइसेंस पर राष्ट्रीयता का उल्लेख करने और भारतीय तथा विदेशी नागरिकों के लिए अलग-अलग रंग योजना लागू करने की भी योजना है। इन बदलावों का उद्देश्य लाइसेंस पर जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना और पहचान की प्रक्रिया को स्पष्ट बनाना है।
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मसौदे में आयु और पते के प्रमाण के तौर पर शपथपत्र यानी एफिडेविट स्वीकार करने की मौजूदा व्यवस्था समाप्त करने का प्रस्ताव है। अभी कुछ परिस्थितियों में निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर लाइसेंसिंग अथॉरिटी मजिस्ट्रेट या नोटरी के सामने दिए गए शपथपत्र को स्वीकार कर सकती है। प्रस्तावित बदलाव के तहत आवेदकों को निर्धारित और सत्यापित दस्तावेज देने होंगे। जीवन बीमा पॉलिसी को भी आयु या पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं करने का प्रस्ताव है।
प्रस्तावित व्यवस्था में पते के प्रमाण के लिए आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ई-राशन कार्ड और पिछले तीन महीनों के बिजली या गैस बिल जैसे दस्तावेज शामिल हैं। विदेशी नागरिकों के लिए कानूनी रूप से देश में मौजूद होने का प्रमाण मांगा जा सकता है। आयु प्रमाण के लिए पासपोर्ट, स्कूल बोर्ड की मार्कशीट, जन्म प्रमाणपत्र और सरकारी विभागों के पहचान पत्र जैसे दस्तावेज प्रस्तावित हैं। पहचान प्रमाण के लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट, ई-राशन कार्ड और पैन कार्ड का इस्तेमाल किया जा सकता है।
मंत्रालय ने ऑनलाइन सुरक्षित ड्राइविंग ट्यूटोरियल के असेसमेंट को सख्त करने का प्रस्ताव भी रखा है। वर्तमान में पास होने के लिए 60 प्रतिशत अंक जरूरी हैं, जिसे बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने की बात कही गई है। इसके साथ ही ट्यूटोरियल की अवधि कम से कम 30 मिनट रखने का प्रस्ताव है। यदि यह बदलाव लागू होता है, तो आवेदकों को असेसमेंट में सफल होने के लिए पहले से अधिक अंक हासिल करने होंगे।
मसौदे में आधार आधारित ऑनलाइन ऑथेंटिकेशन के जरिए चुनिंदा सेवाएं लेने वालों को राहत देने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके तहत पता, नाम और संपर्क नंबर बदलने जैसी निर्धारित ड्राइविंग लाइसेंस सेवाओं के शुल्क माफ किए जा सकते हैं। इसका उद्देश्य ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाना और लाइसेंस से जुड़ी सेवाओं को अधिक सुविधाजनक बनाना है। हालांकि, शुल्क में छूट किन सेवाओं पर और किन शर्तों के तहत मिलेगी, यह अंतिम नियमों पर निर्भर करेगा।
ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े इन बदलावों को फिलहाल प्रस्तावित मसौदे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मसौदा जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि सभी नियम तुरंत लागू हो गए हैं। आवेदकों को फिलहाल मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार ही आवेदन करना चाहिए और मंत्रालय की आधिकारिक अधिसूचना पर नजर रखनी चाहिए। अंतिम नियम जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि कौन-से बदलाव कब से लागू होंगे और किन आवेदकों पर उनका असर पड़ेगा।
Location : New Delhi
Published : 23 October 2026, 1:37 PM IST