20 साल से अधूरा आंगनबाड़ी भवन: बरामदे में पढ़ाई को मजबूर बच्चे, खुले में बन रहा भोजन

लातेहार के लुंडी गांव में 2007 से आंगनबाड़ी भवन अधूरा है। बच्चे स्कूल के बरामदे में पढ़ रहे हैं और भोजन खुले में लकड़ी के चूल्हे पर बनता है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव से बच्चों, सेविकाओं और ग्रामीणों को परेशानी हो रही है, प्रशासन से जल्द निर्माण की मांग उठी है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 27 April 2026, 8:09 AM IST

Latehar: लातेहार प्रखंड के तरवाडीह पंचायत स्थित लुंडी गांव में आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। वर्ष 2007 में शुरू हुआ भवन निर्माण आज तक पूरा नहीं हो सका है। करीब 20 वर्षों से अधूरा पड़ा यह भवन ग्रामीण विकास और आईसीडीएस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भवन के अभाव में छोटे बच्चों की कक्षाएं पास के स्कूल के बरामदे में संचालित की जा रही हैं।

बरामदे में पढ़ाई, मौसम बन रहा चुनौती

बरामदे में बैठकर पढ़ाई करना छोटे बच्चों के लिए काफी कठिन साबित हो रहा है। गर्मी में तेज धूप और उमस बच्चों को परेशान करती है, वहीं बारिश के मौसम में स्थिति और भी बदतर हो जाती है। पर्याप्त जगह और सुरक्षित वातावरण के अभाव में बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।

खुले में बन रहा भोजन, सुविधाओं का अभाव

आंगनबाड़ी केंद्र में रसोई की उचित व्यवस्था नहीं है। गैस सिलेंडर की सुविधा भी उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चों का भोजन लकड़ी के चूल्हे पर बनाया जाता है। भोजन खुले स्थान पर तैयार होता है, जहां धूप और धुएं के बीच सेविका और सहायिका को काम करना पड़ता है। इससे न केवल समय अधिक लगता है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ जाते हैं।

ग्रामीणों में नाराजगी, कई बार उठ चुका मुद्दा

ग्रामीण सोन सहाय सिंह के अनुसार, इस समस्या को लेकर कई बार जिला स्तर के अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रखंड उप प्रमुख राजकुमार प्रसाद ने भी बताया कि पंचायत समिति की बैठकों में इस मुद्दे को बार-बार उठाया गया और सीडीपीओ को पत्र भी लिखा गया, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है।

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प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। उनका कहना है कि यह केवल एक भवन का मामला नहीं, बल्कि बच्चों की शुरुआती शिक्षा, पोषण और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

Location :  Jharkhand

Published :  27 April 2026, 7:58 AM IST