
नियमों के आगे नहीं मानी हार (Img- Instagram)
Mumbai: महाराष्ट्र में रोजी-रोटी कमाने की जंग और भाषाई अनिवार्यताओं के बीच एक ऑटो ड्राइवर की समझदारी ने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया है। ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा ऑटो चालकों के लिए मराठी भाषा का बुनियादी ज्ञान अनिवार्य किए जाने के बाद जहां कई चालक हताश होकर काम छोड़ने को मजबूर हुए, वहीं इस ड्राइवर ने हार मानने के बजाय एक अनोखा तरीका खोज निकाला।
सोशल मीडिया पर नीतू नाम की यूजर द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में ऑटो के डैशबोर्ड पर एक पन्ना लटका दिखाई दे रहा है। इसे जूम करने पर पता चलता है कि यह केवल एक कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि परिवार को पालने की जिजीविषा का प्रमाण है। गैर-मराठी भाषी इस ड्राइवर ने सवारी से बातचीत करने के लिए मराठी के रोजमर्रा के शब्दों को देवनागरी (हिंदी) लिपि में लिखकर टांग रखा है।
पन्ने पर लिखी इबारत को देखकर ऐसा लगता है मानो किसी बच्चे ने अपने पिता की मदद के लिए इसे अपनी मासूम लिखावट में तैयार किया हो। इस पन्ने पर आम बोलचाल के जरूरी वाक्य लिखे हैं जैसे 'छुट्टे नहीं हैं', 'जल्दी बताइए', 'रास्ता बताइए' और 'रुकिए'। उदाहरण के तौर पर 'इंतजार कीजिए' को मराठी में कैसे बोलना है, उसके लिए सामने 'थांबा' लिखा हुआ है।
“30-30 करवा दो…” जिसको लगी गोली, दरोगा साहब उसी से मांगे पैसे, वीडियो वायरल हुई तो…
यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। नीतू ने इस वीडियो को शेयर करते हुए बेहद भावुक संदेश लिखा कि "हर किसी की अपनी एक लड़ाई है। जब आपके पास दयालु बनने और सही होने में से चुनना हो, तो हमेशा दयालु बनने का रास्ता चुनें।" यह जुगाड़ साबित करता है कि अगर नीयत साफ हो और काम करने का जज्बा हो, तो भाषा की कोई भी दीवार इंसान के कदम नहीं रोक सकती।
Location : Mumbai
Published : 29 August 2026, 1:32 PM IST