न नर की जरूरत, न फेफड़ा और न ही खून, फिर भी सालों से अमर! जानिए कॉकरोच के अनसुने सच

कॉकरोच को देखकर अक्सर लोग घबरा जाते हैं, लेकिन यह छोटा सा जीव अपने अंदर कई ऐसे रहस्य छिपाए हुए है, जिनके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे। आखिर क्या है इसकी सबसे बड़ी खासियत? जानिए कॉकरोच से जुड़े ऐसे तथ्य, जो शायद आपने पहले कभी नहीं सुने होंगे।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 1 September 2026, 5:16 PM IST
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New Delhi: ज्यादातर लोग घर में कॉकरोच देखते ही उसे भगाने या मारने की कोशिश करते हैं। हालांकि, इस जीव का जीवन और शरीर की बनावट जिसे हम अक्सर मामूली समझते हैं सचमुच बहुत दिलचस्प है। दुनिया भर में कॉकरोच की 4,500 से ज्यादा प्रजातियां हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 30 प्रजातियां ही इंसानों के आस-पास रहती हैं।

डायनासोर से भी पुराना है इतिहास

माना जाता है कि कॉकरोच लाखों सालों से मौजूद हैं। वैज्ञानिकों को 300 से 350 मिलियन साल पुराने जीवाश्म मिले हैं जो आज के कॉकरोच जैसे ही दिखते हैं। इसका मतलब है कि ये प्रजातियां धरती पर डायनासोर के आने से बहुत पहले से मौजूद थीं।

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कई बड़े बदलावों के बाद भी नहीं हुए खत्म

कॉकरोच की सबसे खास बात है उसकी अद्भुत अनुकूलन क्षमता (ढलने की शक्ति)। इन प्रजातियों ने धरती के इतिहास में कई बार बड़े पैमाने पर जीवों के विलुप्त होने की घटनाओं का सामना किया है और बची रही हैं। तापमान में उतार-चढ़ाव, खाने की कमी और पर्यावरण में बड़े बदलावों के बावजूद, वे अपने आस-पास के माहौल में सफलतापूर्वक ढल गए हैं।

शरीर की बनावट भी है अनोखी

कॉकरोच का शरीर तीन हिस्सों में बंटा होता है: सिर, वक्ष (बीच का हिस्सा) और पेट (पिछला हिस्सा)। इसके छह पैर और पंख होते हैं। इसकी आंखें आस-पास की हलचल का पता लगाने में मदद करती हैं, जबकि इसके एंटीना छूने और सूंघने का काम करते हैं।

इंसानों के उलट ये जीव फेफड़ों से सांस नहीं लेते; बल्कि हवा उनके शरीर के किनारों पर बने छोटे-छोटे छेदों से अंदर जाती है। कॉकरोच का दिल भी इंसानों से काफी अलग होता है और इसमें कई चैंबर होते हैं।

सिर कटने के बाद भी कुछ समय तक जिंदा

शायद कॉकरोच के बारे में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सिर कटने के बाद भी वे कुछ समय तक ज़िंदा रह सकते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि उनका नर्वस सिस्टम सिर्फ सिर तक ही सीमित नहीं होता है। हालांकि, सिर के बिना वे खा-पी नहीं सकते और आखिरकार मर जाते हैं।

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बिना नर के भी बढ़ा सकती है आबादी

मादा कॉकरोच अपने अंडों को एक खास कैप्सूल के अंदर सुरक्षित रखती हैं। कुछ प्रजातियों में मादाएं बिना नर के प्रजनन कर सकती हैं; इस प्रक्रिया को पार्थेनोजेनेसिस कहा जाता है।

परमाणु बम वाली बात कितनी सच?

अक्सर कहा जाता है कि कॉकरोच न्यूक्लियर बम का सामना कर सकते हैं। हालांकि, यह दावा पूरी तरह सही नहीं है। यह सच है कि कॉकरोच कई दूसरे कीड़ों की तुलना में ज्यादा रेडिएशन झेल सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे न्यूक्लियर धमाके के केंद्र (एपिसेंटर) पर भी जिंदा रह सकते हैं। ठीक यही असाधारण गुण उन्हें आज वैज्ञानिकों के लिए अध्ययन का एक दिलचस्प विषय बनाता है।

Location :  New Delhi

Published :  1 September 2026, 5:16 PM IST

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