मुजफ्फरनगर में बाल विवाह मुक्ति रथ का शुभारंभ किया गया। डीएम उमेश मिश्रा और अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रथ को रवाना किया। यह अभियान 8 मार्च तक गांवों और शहरों में जागरूकता फैलाएगा।

Muzaffarnagar: बाल विवाह रोकथाम के लिए मुजफ्फरनगर में बाल विवाह मुक्ति रथ का बुधवार को भव्य शुभारंभ किया गया। डीएम उमेश मिश्रा और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रथ को रवाना किया। यह अभियान 8 मार्च तक जनपद के गांवों और शहरी क्षेत्रों में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाएगा।
रथ के शुभारंभ अवसर पर डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि बाल विवाह रोकथाम केवल कानून लागू करने से नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता से ही संभव है। उन्होंने सभी प्रशासनिक अधिकारियों और सामाजिक संस्थाओं से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और गांव-गांव जाकर लोगों को इसके दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दें।
बाल विवाह मुक्ति रथ 8 मार्च तक मुजफ्फरनगर के विभिन्न गांवों और शहरी इलाकों में जाएगा। रथ के माध्यम से जनसंपर्क, नुक्कड़ नाटक, पम्फलेट वितरण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके जरिए युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण समुदाय को यह संदेश दिया जाएगा कि बाल विवाह न केवल गैरकानूनी है, बल्कि बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए हानिकारक भी है।
अधिकारियों ने कहा कि बाल विवाह रोकने के लिए समाज के सभी वर्गों का सहयोग जरूरी है। माता-पिता, स्थानीय नेताओं और स्कूलों को बच्चों के अधिकारों और शिक्षा के महत्व के प्रति संवेदनशील बनाने की आवश्यकता है। डीएम ने यह भी कहा कि प्रशासन इस अभियान को निरंतर मॉनिटर करेगा और सभी मामलों में कड़े कदम उठाए जाएंगे।
Muzaffarnagar: बाल विवाह रोकथाम के लिए मुजफ्फरनगर में बाल विवाह मुक्ति रथ का बुधवार को भव्य शुभारंभ किया गया। डीएम उमेश मिश्रा और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रथ को रवाना किया। यह अभियान 8 मार्च तक जनपद के गांवों और शहरी क्षेत्रों में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाएगा।
रथ के शुभारंभ अवसर पर डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि बाल विवाह रोकथाम केवल कानून लागू करने से नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता से ही संभव है। उन्होंने सभी प्रशासनिक अधिकारियों और सामाजिक संस्थाओं से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और गांव-गांव जाकर लोगों को इसके दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दें।
बाल विवाह मुक्ति रथ 8 मार्च तक मुजफ्फरनगर के विभिन्न गांवों और शहरी इलाकों में जाएगा। रथ के माध्यम से जनसंपर्क, नुक्कड़ नाटक, पम्फलेट वितरण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके जरिए युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण समुदाय को यह संदेश दिया जाएगा कि बाल विवाह न केवल गैरकानूनी है, बल्कि बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए हानिकारक भी है।
अधिकारियों ने कहा कि बाल विवाह रोकने के लिए समाज के सभी वर्गों का सहयोग जरूरी है। माता-पिता, स्थानीय नेताओं और स्कूलों को बच्चों के अधिकारों और शिक्षा के महत्व के प्रति संवेदनशील बनाने की आवश्यकता है। डीएम ने यह भी कहा कि प्रशासन इस अभियान को निरंतर मॉनिटर करेगा और सभी मामलों में कड़े कदम उठाए जाएंगे।