Video: यूपी वासियों को मिला 1054 करोड़ की 470 परियोजनाओं का तोहफा, जानिये पूरा अपडेट

गोरखपुर में नगर निगम की वो जमीन जहां इलाके का कचरा डम्प किया जाता है, उसी जमीन पर आज गोरखपुर के लोगों के की बेहतर सुविधा के लिए राप्ती इको पार्क की सौगात दी गई हैं। मौके पर पहुंचे डाइनामाइट न्यूजं संवाददाता ने बताया लंबे समय से इस तरह की मांग थी जो आखिरकार पूरी हुई। 

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 23 April 2026, 12:53 PM IST

Gorakhpur: गोरखपुर में नगर निगम की वो जमीन जहां इलाके का कचरा डम्प किया जाता है, उसी जमीन पर आज गोरखपुर के लोगों के की बेहतर सुविधा के लिए राप्ती इको पार्क की सौगात दी गई हैं। मौके पर पहुंचे डाइनामाइट न्यूजं संवाददाता ने बताया लंबे समय से इस तरह की मांग थी जो आखिरकार पूरी हुई।

सीएम योगी ने कहा, गोरखपुर नगर में जहां पहले पानी भरता था वहां आज बेहतर नालियां हैं। अंधेरा था वहां आज स्ट्रीट लाइटें हैं। जहां पहले हवा में बदबू थी आज स्वच्छ वातावरण में लोग मॉर्निंग वॉक कर सकते हैं। आज शुद्ध पेयजल की उपलब्धता है। इस बंधे पर जो एनर्जी खर्च होगी वह रिन्यूएबल है। यहां सोलर पैनल लगाए गए हैं। सिटी फॉरेस्ट से क्षेत्र में हरियाली होगी और प्रदूषण कम होगा।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जहां पहले मीथेन गैस निकलती थी वहां आज बच्चों के खेलने के लिए पार्क है। लोग योगासन और ध्यान कर सकते हैं। यह बताता है कि जब नियत साफ हो तो नियति को बदलने में देर नहीं लगती। मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को इको पार्क और एकला बांध सड़क के लोकार्पण के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।सीएम ने 1055 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि कुछ करने की इच्छाशक्ति हो तो बहुत कुछ परिवर्तन लाया जा सकता है। पहले बहुत भद्दा लगता था। लखनऊ, वाराणसी की तरफ प्रवेश करते हुए सबसे पहले कचरा ही दिखता था।

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आज से 35 वर्ष पहले ट्रांसपोर्ट नगर में शहर का सारा कचरा डंप होता था। वह बहुत भद्दा लगता था। वहां सफाई हुई और आज वहां ट्रांसपोर्ट नगर है। गोरखपुर की मंडी है। उसके बाद यह कचरा आकर एकला बंधे पर गिरने लगा था। गंदगी के साथ हवा में बदबू और जमीन में जहर हो गया था।इसकी वजह से नीचे गंदगी होती थी और एनजीटी जुर्माना लगाता था। इससे भूजल भी प्रभावित होता था। आज यहां एक आधुनिक पार्क बन गया है। यह केवल पार्क नहीं पिकनिक स्पॉट बन गया है। यहां लोग परिवार के साथ बैठ सकते थे। यह बदलाव गोरखपुर में हर तरफ देखने को मिल रहा है।

गोरखपुर वाराणसी मार्ग को जोड़ने के लिए तीन किलोमीटर लंबी फोरलेन की कनेक्टिविटी भी मिल रही है। इस मार्ग से लखनऊ, बांसगांव, कौड़ीराम तक जा सकते है। गोरखपुर में पिछले नौ वर्ष में जो कार्य प्रारंभ हुए यह उसी का परिणाम है। हमें स्कूली बच्चों को आरआरआर के बारे में बताना पड़ेगा।वेस्ट टू आर्ट के बारे में बताना पड़ेगा। पार्क में कचरे से बने आर्ट लगाए गए हैं। क्विज और रील प्रतियोगिता के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। आज जो भी यूपी में आता है उसको सुरक्षा के साथ बदलाव देखने को मिलता है। स्मार्ट के साथ सेफ सिटी भी हो। उत्तर प्रदेश के सभी नगर निगमों ने स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को आगे बढ़ाया है।

Location :  gorakhpur

Published :  23 April 2026, 12:53 PM IST