‘टीम प्लेयर बनो, नहीं तो रिजर्व में बैठा देंगे!’ राजा वड़िंग और चन्नी की जंग पर हाईकमान सख्त, क्या फिर डूबेगी कांग्रेस की नैया?

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस में गुटबाजी तेज हो गई है। पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। प्रभारी भूपेश बघेल की बैठक से चन्नी की दूरी ने कलह को और हवा दे दी है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 11 July 2026, 3:39 PM IST

Chandigarh: अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस एक बार फिर उसी पुराने इतिहास को दोहराती दिख रही है, जिसने कभी उसे सत्ता से बाहर कर दिया था। इस बार सियासी घमासान पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष व लुधियाना सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच खुलकर सामने आ गया है। दोनों ही नेता राहुल गांधी के बेहद करीबी माने जाते हैं, लेकिन पंजाब की कमान को लेकर दोनों के बीच टकराव चरम पर है।

हाल ही में पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने चुनाव तैयारियों और संगठन को एकजुट करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई थी। लेकिन पूर्व सीएम चन्नी इस बैठक से नदारद रहे और उन्होंने अपने समर्थक विधायकों के साथ अलग बैठक कर हाईकमान को बड़ा संदेश दे दिया। इस गुटबाजी पर कांग्रेस नेतृत्व ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ संदेश दिया है कि 'पार्टी से बड़ा कोई नहीं है, टीम प्लेयर बनो वरना रिजर्व बेंच पर बैठा दिए जाओगे।'

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यह अंदरूनी कलह कांग्रेस के लिए कोई नई नहीं है। 2021 में भी कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू की लड़ाई ने पार्टी को भारी नुकसान पहुंचाया था, जिसके बाद चन्नी को सूबे का पहला दलित मुख्यमंत्री बनाया गया था। हालांकि, 2022 के चुनाव में कांग्रेस को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी और आम आदमी पार्टी ने प्रचंड बहुमत से सरकार बनाई। अब इतिहास खुद को दोहरा रहा है। एक तरफ संगठन पर राजा वड़िंग का मजबूत प्रभाव है, तो दूसरी तरफ चन्नी का अपना जनाधार है। चुनाव से ठीक पहले अपनों की यह जंग विपक्ष से ज्यादा कांग्रेस के खुद के अस्तित्व के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है।

Location :  Chandigarh

Published :  11 July 2026, 3:39 PM IST