
New Delhi: भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए कथित विवादित बयान पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव और बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। पप्पू यादव ने धीरेंद्र शास्त्री की ओर से मांगी गई माफी को दिखावा बताते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही। इसी सिलसिले में सांसद पप्पू यादव ने संसद मार्ग थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के बाद मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने कथावाचकों पर राजनीतिक संरक्षण में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि धर्म को राजनीति से जोड़कर समाज को बांटने की कोशिश की जा रही है। सांसद ने भगवान शिव, श्रीकृष्ण और महाभारत का जिक्र करते हुए सर्वधर्म समभाव और समानता का संदेश दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि कथावाचक गरीबों को मोक्ष की सीख देते हैं, लेकिन नेताओं के लिए ऐसी बातें क्यों नहीं कहते?
पप्पू यादव ने यह भी आरोप लगाया कि विवादित बयान सामने आने के बावजूद कई हिंदू संगठनों ने इसका विरोध नहीं किया। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा को बांटने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी और इस मामले में कानून के तहत आगे बढ़ेंगे। बातचीत के दौरान उन्होंने वाल्मीकि, कबीर और संत रविदास को लेकर कथित टिप्पणियों का भी जिक्र किया और इसे गरीबों के अपमान से जोड़ा।
आजम खां की मुश्किलें फिर बढ़ीं! अब शत्रु संपत्ति मामले में भी लटकी जांच की तलवार
इस पूरे विवाद ने धार्मिक बयानों और राजनीति के इस्तेमाल को लेकर नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल पप्पू यादव की शिकायत पर पुलिस की आगे की कार्रवाई और धीरेंद्र शास्त्री की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।
New Delhi: भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए कथित विवादित बयान पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव और बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। पप्पू यादव ने धीरेंद्र शास्त्री की ओर से मांगी गई माफी को दिखावा बताते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही। इसी सिलसिले में सांसद पप्पू यादव ने संसद मार्ग थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के बाद मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने कथावाचकों पर राजनीतिक संरक्षण में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि धर्म को राजनीति से जोड़कर समाज को बांटने की कोशिश की जा रही है। सांसद ने भगवान शिव, श्रीकृष्ण और महाभारत का जिक्र करते हुए सर्वधर्म समभाव और समानता का संदेश दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि कथावाचक गरीबों को मोक्ष की सीख देते हैं, लेकिन नेताओं के लिए ऐसी बातें क्यों नहीं कहते?
पप्पू यादव ने यह भी आरोप लगाया कि विवादित बयान सामने आने के बावजूद कई हिंदू संगठनों ने इसका विरोध नहीं किया। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा को बांटने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी और इस मामले में कानून के तहत आगे बढ़ेंगे। बातचीत के दौरान उन्होंने वाल्मीकि, कबीर और संत रविदास को लेकर कथित टिप्पणियों का भी जिक्र किया और इसे गरीबों के अपमान से जोड़ा।
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Location : New Delhi
Published : 3 November 2026, 4:28 PM IST