
Kanpur: कानपुर नगर निगम में विकास कार्यों के नाम पर एक बड़े सिंडिकेट द्वारा 'टेंडर फिक्सिंग' का खेल लंबे समय से खेला जा रहा था। आरोप है कि कथित मास्टरमाइंड गोविंद शर्मा और उसका नेटवर्क दूसरे ठेकेदारों पर दबाव बनाकर उनसे मनमुताबिक दरों पर बोली लगवाता था।
इसके बाद समान दरों पर टेंडर खुलवाकर लॉटरी की आड़ में अपने चहेते ठेकेदारों और फर्मों को काम बांट दिया जाता था। इस पूरे खेल का मकसद सिर्फ और सिर्फ मोटा कमीशन वसूलना था, जिससे ईमानदार ठेकेदारों को प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया।
जब इस बड़े घोटाले का सच सामने आया तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इसका संज्ञान लिया। सीएम के कड़े रुख के बाद नगर निगम प्रशासन में हड़कंप मच गया और नगर आयुक्त ने ₹100 करोड़ से अधिक के विवादित टेंडर तुरंत निरस्त कर दिए।
कानपुर पुलिस कमिश्नर ने मामले की परतें खोलने के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। एसआईटी की सिफारिशों पर कार्रवाई करते हुए अब तक 7 फर्जी फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है और 6 मुख्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
मामले के मुख्य आरोपी गोविंद शर्मा के फरार होने के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने उसके आवास को सील कर दिया है। इस बीच, केस में एक बड़ा मोड़ तब आया जब करीब 14 दिनों से जेल में बंद दो आरोपी ठेकेदारों संदीप जैन और रज्जन वाजपेयी को अदालत से बड़ी राहत मिल गई।
एडीजे 19 की अदालत ने दोनों को एक-एक लाख रुपये के दो जमानतियों और निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि, एसआईटी का कहना है कि जमानत के बावजूद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को बेनकाब करने के लिए जांच जारी रहेगी।
Kanpur: कानपुर नगर निगम में विकास कार्यों के नाम पर एक बड़े सिंडिकेट द्वारा 'टेंडर फिक्सिंग' का खेल लंबे समय से खेला जा रहा था। आरोप है कि कथित मास्टरमाइंड गोविंद शर्मा और उसका नेटवर्क दूसरे ठेकेदारों पर दबाव बनाकर उनसे मनमुताबिक दरों पर बोली लगवाता था।
इसके बाद समान दरों पर टेंडर खुलवाकर लॉटरी की आड़ में अपने चहेते ठेकेदारों और फर्मों को काम बांट दिया जाता था। इस पूरे खेल का मकसद सिर्फ और सिर्फ मोटा कमीशन वसूलना था, जिससे ईमानदार ठेकेदारों को प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया।
जब इस बड़े घोटाले का सच सामने आया तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इसका संज्ञान लिया। सीएम के कड़े रुख के बाद नगर निगम प्रशासन में हड़कंप मच गया और नगर आयुक्त ने ₹100 करोड़ से अधिक के विवादित टेंडर तुरंत निरस्त कर दिए।
कानपुर पुलिस कमिश्नर ने मामले की परतें खोलने के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। एसआईटी की सिफारिशों पर कार्रवाई करते हुए अब तक 7 फर्जी फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है और 6 मुख्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
मामले के मुख्य आरोपी गोविंद शर्मा के फरार होने के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने उसके आवास को सील कर दिया है। इस बीच, केस में एक बड़ा मोड़ तब आया जब करीब 14 दिनों से जेल में बंद दो आरोपी ठेकेदारों संदीप जैन और रज्जन वाजपेयी को अदालत से बड़ी राहत मिल गई।
एडीजे 19 की अदालत ने दोनों को एक-एक लाख रुपये के दो जमानतियों और निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि, एसआईटी का कहना है कि जमानत के बावजूद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को बेनकाब करने के लिए जांच जारी रहेगी।
Location : Kanpur
Published : 10 September 2026, 3:42 PM IST