
Hapur: उत्तर प्रदेश के हापुड़ से आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने हमारे आधुनिक समाज के चेहरे पर गहरा तमाचा जड़ा है। यहां शादी के महज 33 दिन बाद एक नवविवाहिता सोनम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष एक 'बुलेट' मोटरसाइकिल की मांग कर रहा था।
मांग पूरी न होने पर सोनम को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और अंततः उसे एक दर्दनाक मौत दे दी गई। इस घटना ने एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या किसी इंसान की जिंदगी की कीमत महज़ एक दोपहिया गाड़ी जितनी रह गई है?
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सोनम के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व हत्या की संगीन धाराओं में बड़ी जांच शुरू कर दी है। हालांकि, असली सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी।
Fire Incident: हापुड़ में आग का तांडव, दर्जनों झुग्गी झोपड़ियां जलकर राख, बचाव कार्य जारी
यह मामला सिर्फ एक कानूनी जांच का नहीं है, बल्कि यह हमारे खोखले होते सामाजिक ताने-बाने पर एक बड़ा सवालिया निशान है। आखिर हम एक ऐसे समाज में कब तक जिएंगे जहां बेटियां विदा तो डोली में होती हैं, लेकिन लालच के चलते चंद दिनों में ही उनकी अर्थी उठ जाती है?
Hapur: उत्तर प्रदेश के हापुड़ से आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने हमारे आधुनिक समाज के चेहरे पर गहरा तमाचा जड़ा है। यहां शादी के महज 33 दिन बाद एक नवविवाहिता सोनम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष एक 'बुलेट' मोटरसाइकिल की मांग कर रहा था।
मांग पूरी न होने पर सोनम को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और अंततः उसे एक दर्दनाक मौत दे दी गई। इस घटना ने एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या किसी इंसान की जिंदगी की कीमत महज़ एक दोपहिया गाड़ी जितनी रह गई है?
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सोनम के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व हत्या की संगीन धाराओं में बड़ी जांच शुरू कर दी है। हालांकि, असली सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी।
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यह मामला सिर्फ एक कानूनी जांच का नहीं है, बल्कि यह हमारे खोखले होते सामाजिक ताने-बाने पर एक बड़ा सवालिया निशान है। आखिर हम एक ऐसे समाज में कब तक जिएंगे जहां बेटियां विदा तो डोली में होती हैं, लेकिन लालच के चलते चंद दिनों में ही उनकी अर्थी उठ जाती है?
Location : Hapur
Published : 9 June 2026, 3:11 PM IST