विकासनगर के वार्ड नंबर 3 में ईएमएस कंपनी द्वारा सीवरेज और पेयजल लाइन बिछाने के दौरान गलियों में बड़े गड्ढे छोड़ दिए गए हैं। सभासद सबल सेहरावत ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए उच्च अधिकारियों और विधायक से शिकायत की चेतावनी दी है।

सीवरेज कार्य में लापरवाही से बढ़ा खतरा
Dehradun: विकासनगर क्षेत्र में सीवरेज और पेयजल लाइन बिछाने का कार्य इन दिनों स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। ईएमएस कंपनी द्वारा वार्ड नंबर 3 की विभिन्न गलियों में खुदाई कर बड़े-बड़े गड्ढे छोड़ दिए गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कंपनी की लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
नगर क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सीवरेज और पेयजल लाइन बिछाने का काम चल रहा है। हालांकि विकास कार्यों की सराहना की जा रही है, लेकिन कार्य के बाद सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा। कई स्थानों पर खुदाई के बाद गड्ढों को न तो ठीक से भरा गया है और न ही चेतावनी संकेत लगाए गए हैं।
विशेष रूप से वार्ड नंबर 3 की गलियों में स्थिति अधिक चिंताजनक बताई जा रही है। यहां संकरी सड़कों और आवासीय क्षेत्रों में बड़े गड्ढे खुले पड़े हैं। रात के समय रोशनी की कमी के कारण राहगीरों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा और बढ़ जाता है। दोपहिया वाहन चालकों को भी आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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वार्ड नंबर 3 के सभासद सबल सेहरावत ने इस मामले को गंभीर बताते हुए ईएमएस कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कंपनी के कर्मचारियों द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। यदि समय रहते गड्ढों को नहीं भरा गया तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की होगी।
खुदाई के बाद नहीं भरे गड्ढे
सभासद ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो वे इस संबंध में उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे। साथ ही क्षेत्रीय विधायक को भी अवगत कराया जाएगा कि किस प्रकार विकास कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से वे असुविधा झेल रहे हैं। घरों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है और बरसात की स्थिति में ये गड्ढे और खतरनाक साबित हो सकते हैं। लोगों ने मांग की है कि कार्य पूरा होने के बाद सड़कों को पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए और जब तक काम जारी है, तब तक सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं।
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क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि कंपनी को निर्देशित किया जाए कि वह खुदाई वाले स्थानों को तत्काल सुरक्षित करे। विकास कार्यों का उद्देश्य जनता को सुविधा देना है, न कि उन्हें जोखिम में डालना। ऐसे में संबंधित विभाग को सख्त निगरानी रखनी चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोहराई न जाए।