
उत्तराखंड में मॉनसून का कहर, येलो अलर्ट जारी (सोर्स- इंटरनेट)
Dehradun: उत्तराखंड में सितंबर के दूसरे सप्ताह में एक बार फिर से मौसम ने करवट ले ली है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में बादल छाए हुए हैं और बारिश का दौर जारी है। खासतौर पर बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इसके मद्देनज़र येलो अलर्ट जारी किया है।
राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में बुधवार को तेज बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा जताया गया है। जिन जिलों में विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है, उनमें निम्न शामिल हैं:
1. अल्मोड़ा
2. टिहरी
3. रुद्रप्रयाग
4. उत्तरकाशी
5. चमोली
6. पिथौरागढ़
7. नैनीताल
8. पौड़ी गढ़वाल
उत्तराखंड में फिर येलो अलर्ट: पहाड़ों में मूसलाधार बारिश, मैदानी जिलों में गर्जन-बिजली का खतरा
इन क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। आपदा प्रबंधन विभाग ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है, खासकर उन यात्रियों को जो पहाड़ी क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं।
पर्वतीय जिलों के साथ-साथ मैदानी जिलों में भी बारिश का प्रभाव दिखाई देगा। देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जैसे जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। देहरादून में बुधवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जो कभी-कभार तेज भी हो सकती है।
सोर्स- इंटरनेट
बारिश के चलते राज्य के अधिकतर हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। देहरादून में अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। मंगलवार को भी राजधानी में बूंदाबांदी हुई थी, हालांकि वह अधिक देर तक नहीं चली।
मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। संभावित लैंडस्लाइड (भूस्खलन) और बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए बिना जरूरी कारण के यात्रा टालने की अपील की गई है।
1. रात्रि में यात्रा से बचें
2. पहाड़ी रास्तों में सतर्कता बरतें
3. स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें
4. मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें
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आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में जोखिम न उठाएं। मौसम की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया गया है। किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर और स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
सितंबर के शुरुआती दिनों में मौसम में गर्मी का असर बना हुआ था, लेकिन अब मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। इससे न केवल वातावरण में ठंडक आई है, बल्कि किसानों के लिए भी यह बारिश राहत लेकर आई है। हालांकि, अत्यधिक बारिश से फसलों को नुकसान की भी संभावना बनी हुई है।
Location : Dehradun
Published : 10 September 2025, 10:31 AM IST