बच्चों के भविष्य से नहीं होगा खिलवाड़! उत्तराखंड में गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों पर चाबुक, कई संचालकों ने खुद बंद किए द्वार

उत्तराखंड में बिना मान्यता चल रहे मदरसों पर प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। देहरादून और हल्द्वानी में 3 और मदरसों को सील कर दिया गया है। अब तक राज्य में 17 संस्थानों पर कार्रवाई हो चुकी है। जानिए पूरी खबर

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 6 September 2026, 9:02 AM IST

Dehradun: उत्तराखंड सरकार ने राज्य में बिना मान्यता और बिना तय मानकों के चल रहे शिक्षण संस्थानों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बच्चों की सुरक्षा, उनके उज्ज्वल भविष्य और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमों ने पूरे प्रदेश में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की है।

शनिवार को हुई बड़ी कार्रवाई के तहत देहरादून और हल्द्वानी में तीन अवैध मदरसों को सील कर दिया गया, जिससे नियम ताक पर रखकर संस्थान चलाने वालों में हड़कंप मच गया है।

कार्रवाई के डर से खुद भी लगे ताले

प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी के अनुसार, देहरादून के आजाद नगर स्थित 'मदरसा जामिया-तुस-सलाम अल-इस्लामिया' को जांच में बिना मान्यता के संचालित पाए जाने पर तुरंत सील कर दिया गया। वहीं, प्रशासनिक सख्ती का असर ऐसा दिखा कि कई प्रबंधकों ने खुद ही अपने संस्थान बंद करने का फैसला कर लिया।

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देहरादून के 'मदरसा दार-ए-अरकम' और 'मदरसा दारुल उलूम रहीमिया' के प्रबंधकों ने लिखित में जानकारी दी कि उन्होंने संचालन पूरी तरह से रोक दिया है। इसके अलावा ऊधमसिंह नगर में भी एक मदरसा इसी तरह बंद पाया गया।

हल्द्वानी में भी गरजा प्रशासन का चाबुक

कार्रवाई का दायरा सिर्फ राजधानी तक सीमित नहीं है। हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में स्थित 'मदरसा जामिया नूनिया बरकते ए आमिना' और 'रमजान ऑर्गेनाइजेशन इमाइजेशन सुन्नी बड़ी मस्जिद' को भी मानकों की अनदेखी के चलते सील कर दिया गया है। राज्य भर में इस विशेष अभियान के तहत अब तक कुल 17 मदरसों को सील किया जा चुका है।

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मानकों के बिना संचालन पर पूरी तरह रोक

राज्य सरकार ने यह साफ कर दिया है कि किसी भी शिक्षण संस्थान को बिना आवश्यक मान्यता और सुरक्षा मानकों के चलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जब तक सभी संस्थान शिक्षा विभाग के कड़े नियमों को पूरा नहीं कर लेते, तब तक यह अभियान इसी रफ्तार से आगे भी जारी रहेगा। बच्चों के हक और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।

Location :  Dehradun

Published :  6 September 2026, 9:02 AM IST