
प्रतीकात्मक छवि (फोटो सोर्स- Pinterest)
Nainital: उत्तराखंड के पहाड़ी रास्तों पर तेज रफ्तार और लापरवाही एक बार फिर काल बन कर सामने आई है। नैनीताल से घूमकर वापस उत्तर प्रदेश लौट रहे मेरठ के पर्यटकों का एक टेंपो ट्रैवलर बुधवार रात को कालाढूंगी नगर से महज एक किलोमीटर पहले अनियंत्रित होकर एक गहरी खाई में जा गिरा।
इस भीषण सड़क हादसे में दो महिला पर्यटकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बच्चों सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मेरठ (ताला फैक्ट्री क्षेत्र) के एक ही परिवार के बच्चों समेत कुल 28-29 पर्यटक टेंपो ट्रैवलर में सवार होकर नैनीताल घूमने आए थे। बुधवार रात करीब आठ बजे के आसपास, जब वे वापस लौट रहे थे, तभी कालाढूंगी मार्ग पर एक तीव्र मोड़ (बैंड) पर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते पर्यटकों से भरा यह वाहन सड़क से उतरकर लगभग 30 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। गाड़ी गिरते ही चीख-पुकार मच गई, जिसे सुनकर आसपास के राहगीर और स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े।
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हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, राहगीर और क्षेत्र के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। खाई गहरी होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतें आईं, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर मानव श्रृंखला बनाई। करीब पौने घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सभी घायलों को खाई से बाहर निकाला गया। घायलों को तुरंत निजी वाहनों और 108 एम्बुलेंस की मदद से नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कालाढूंगी पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज के लिए हल्द्वानी रेफर कर दिया गया।
इस दर्दनाक हादसे ने क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। मात्र पांच बेड वाले कालाढूंगी सीएचसी में अचानक 20 से अधिक गंभीर घायल पर्यटक पहुंच गए, जिससे अस्पताल में पैर रखने तक की जगह नहीं बची। घायलों को इलाज के लिए बेड तो दूर, बैठने के लिए बेंच तक नसीब नहीं हुई। तड़पते हुए मरीजों को एम्बुलेंस और इलाज के लिए एक घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बाद में बाजपुर और हल्द्वानी से बुलाई गई एम्बुलेंस के जरिए घायलों को भेजा गया। मौके पर पहुंची तहसीलदार पूजा शर्मा ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना।
इस हादसे ने पुलिस प्रशासन और सुरक्षा दावों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमों के मुताबिक, 15-17 सीटर टेंपो ट्रैवलर में 10 बच्चों समेत कुल 29 लोगों को बैठाया गया था, जो कि ओवरलोडिंग का गंभीर मामला है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि कालाढूंगी-नैनीताल मार्ग पर दो-दो पुलिस चेक पोस्ट होने के बावजूद इस ओवरलोड वाहन को कहीं भी क्यों नहीं रोका गया। यदि पुलिस ने चेक पोस्ट पर ही मुस्तैदी दिखाई होती और क्षमता से अधिक सवारियों को उतार दिया होता, तो शायद इस बड़े हादसे को टाला जा सकता था।
Location : Nainital
Published : 18 June 2026, 9:09 AM IST