BJP विधायक भूपेश चौबे के बयान पर सियासी भूचाल, सपा पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जताई कड़ी आपत्ति; जानिये क्या बोले?

सोनभद्र में भाजपा विधायक भूपेश चौबे के बयान को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए इसे पिछड़े और दलित समाज का अपमान बताया और कार्रवाई की मांग की। सपा नेता मनीष त्रिपाठी ने कहा कि भाजपा विधायक के बयान से समाज में विभाजन की राजनीति को बढ़ावा मिल रहा है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 13 March 2026, 6:48 PM IST
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Sonbhadra: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में राजनीति बयान ने फिर एक बार सियासी भूचाल ला दिया हैभाजपा के सदर विधायक भूपेश चौबे के कथित बयान को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध का मोर्चा खोल दिया है।

सपा नेताओं का आरोप है कि विधायक द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों से पिछड़े, दलित और वंचित समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। इसी मुद्दे को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और भाजपा नेताओं पर समाज में विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाया।

बयान को लेकर बढ़ी सियासी हलचल

दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर भाजपा विधायक भूपेश चौबे के बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के नेताओं का आरोप है कि विधायक ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया है।

इसी के विरोध में सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन करते हुए बयान की कड़ी निंदा की। सपा नेताओं ने बताया कि है कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल न केवल राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है बल्कि इससे समाज के अलग-अलग वर्गों की भावनाएं भी आहत होती हैं।

सपा नेताओं का आरोप

सपा नेता मनीष त्रिपाठी ने कहा कि भाजपा विधायक के बयान से समाज में विभाजन की राजनीति को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता जानबूझकर ऐसे बयान देते हैं जिससे समाज में तनाव का माहौल बने। वहीं समाजवादी पार्टी के जिला सचिव प्रमोद यादव ने कहा कि पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर विधायक के बयान को लेकर चर्चा हो रही है।

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उनके मुताबिक बयान में इस्तेमाल किए गए “क्या आलू, क्या भंटा, क्या मुरई” जैसे शब्दों से पटेल, मौर्य और दलित समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को ऐसे बयानों से बचना चाहिए और सरकार को इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए।

स्थानीय मुद्दे से राज्य की राजनीति तक

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद अब केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है। सपा इस मुद्दे को बड़े राजनीतिक मुद्दे के रूप में उठाने की कोशिश कर रही है। पार्टी के नेता लगातार इस मामले को लेकर आवाज उठा रहे हैं और इसे सामाजिक सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं।

Location : 
  • Sonbhadra

Published : 
  • 13 March 2026, 6:48 PM IST

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