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मंत्री रेखा आर्या की शिकायत के बाद पति पर केस (Img- Pinterest)
Dehradun: उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के बीच विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। मंत्री ने 15 अक्टूबर को देहरादून के कैंट थाने में पति के खिलाफ धोखाधड़ी, घरेलू हिंसा, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोपों में एफआईआर दर्ज कराई है। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस प्रकरण में अब ऑडियो रिकॉर्डिंग और कारोबारी दस्तावेज भी जांच का हिस्सा बन सकते हैं।
रेखा आर्या ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि वर्ष 2004 में गिरधारी लाल साहू ने खुद को अविवाहित बताकर उनसे विवाह किया था। मंत्री का दावा है कि उस समय उनके पति पहले से शादीशुदा थे और उनके बच्चे भी थे। शिकायत के मुताबिक, यह जानकारी उनसे छिपाई गई थी। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और उनसे जुड़े तथ्यों की जांच करेगी।
मंत्री ने आरोप लगाया है कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और स्टाफ के सामने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित किया गया। ये आरोप शिकायत का हिस्सा हैं। इनकी पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होनी बाकी है।
रेखा आर्या ने अपने पति पर कारोबारी मामलों में धोखाधड़ी करने का भी आरोप लगाया है। उनकी शिकायत के अनुसार, कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई कि उन्होंने कंपनियों के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया है। मंत्री का कहना है कि उन्होंने ऐसा कोई इस्तीफा नहीं दिया था। इस आरोप की जांच में संबंधित दस्तावेजों और हस्ताक्षरों की पड़ताल अहम हो सकती है।
मंत्री ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो और कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग साझा की है। उनका दावा है कि हाल में मिली इस रिकॉर्डिंग से उन्हें अपनी और अपने बच्चों की हत्या की साजिश का पता चला। यह आरोप मामले को और गंभीर बनाता है। हालांकि, रिकॉर्डिंग की सामग्री, उसकी प्रामाणिकता और उसमें कही गई बातों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी जरूरी है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वीडियो पोस्ट करने के बाद रेखा आर्या की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल किसी गिरफ्तारी की सूचना नहीं है। अब जांच में शिकायत, कथित ऑडियो, वीडियो और दस्तावेजों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। यह मामला घरेलू विवाद के साथ कथित आर्थिक धोखाधड़ी और सुरक्षा संबंधी गंभीर आरोपों से भी जुड़ा है। पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों की सच्चाई और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।
Location : Dehradun
Published : 16 October 2026, 10:41 AM IST