
कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Source: Pinterest)
New Delhi/Haldwani। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम को लेकर राहुल गांधी के बयान पर एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने कहा है कि वह मुकदमे और दबाव से पीछे हटने वाली नहीं है और इस मामले का लोकतांत्रिक व कानूनी तरीके से जवाब दिया जाएगा।
कांग्रेस महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा ने एफआईआर को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि खरगे की सभा के बाद कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया।
सैलजा ने कहा कि राहुल गांधी ने कथित घटना के खिलाफ आवाज उठाई थी और जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पहले कार्यक्रम का आयोजन हुआ और बाद में उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष ने उसका बचाव किया।
कुमारी सैलजा ने कहा कि मुकदमों से राहुल गांधी या कांग्रेस डरने वाली नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई भाजपा-आरएसएस की कथित दलित विरोधी और संविधान विरोधी मानसिकता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक और कानूनी माध्यमों से इस कार्रवाई का जवाब देगी। पार्टी दलित सम्मान, संविधान की रक्षा और सामाजिक समानता के मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
कांग्रेस नेता ने पूरे मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सत्ता का दबाव या एफआईआर राहुल गांधी और कांग्रेस की आवाज को दबा नहीं सकती।
कांग्रेस के मुताबिक, हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को मल्लिकार्जुन खरगे की सार्वजनिक सभा हुई थी। इसके बाद 11 अगस्त को वहां कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर शुद्धिकरण यज्ञ किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हुआ।
राहुल गांधी ने 29 अगस्त को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस घटना की आलोचना की थी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
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पुलिस के अनुसार, हल्द्वानी निवासी अमित कुमार की शिकायत पर राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने धार्मिक अनुष्ठान को जातिवादी रंग दिया, जिससे वाल्मीकि समुदाय की भावनाएं आहत हुईं।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की वैमनस्य बढ़ाने और धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।
भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया था कि खरगे की सभा के बाद रामलीला मैदान में गंदगी रह गई थी और धार्मिक स्थल पर अनुचित नारे लगाए गए थे। भाजपा ने इसी आधार पर कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम का बचाव किया।
वहीं कांग्रेस इस पूरे मामले को दलित सम्मान और सामाजिक समानता से जोड़कर भाजपा पर हमलावर है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी कथित घटना को लेकर कार्रवाई की मांग की थी।
अब एफआईआर के बाद यह विवाद कानूनी लड़ाई के साथ-साथ राजनीतिक रूप से भी और गरमाता नजर आ रहा है।
Location : Haldwani
Published : 31 August 2026, 11:52 AM IST
Topics : Congress Rahul Gandhi Uttarakhand Politics