नैनीताल को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल के बाद जिला पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। आईजी कुमायूं रिद्धिम अग्रवाल ने खुद मोर्चा संभालते हुए हाईकोर्ट परिसर की सुरक्षा कड़ी कर दी है। साइबर सेल ई-मेल के स्रोत की जांच में जुटी है।

आईजी ने खुद संभाली कमान
Nainital: शांत और खूबसूरत नैनीताल में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब शहर को उड़ाने की धमकी भरा एक ई-मेल सामने आया। ई-मेल मिलते ही पूरे जिले की पुलिस मशीनरी हाई अलर्ट मोड में पहुंच गई। मामला इतना गंभीर था कि कुमायूं रेंज की आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने खुद सुरक्षा की कमान संभाल ली। देखते ही देखते हाईकोर्ट परिसर और आसपास का इलाका छावनी में तब्दील हो गया। हर तरफ पुलिस की हलचल, चेकिंग और सख्ती साफ नजर आने लगी।
आईजी ने खुद किया निरीक्षण, तीन दिन में मांगी रिपोर्ट
धमकी की सूचना मिलते ही आईजी रिद्धिम अग्रवाल तुरंत नैनीताल पहुंचीं। उन्होंने हाईकोर्ट परिसर के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ मौके पर ही समीक्षा बैठक की। एसएसपी मंजूनाथ टीसी, एसपी अपराध डॉ. जगदीश चंद्र, सीओ राकेश बिष्ट समेत तमाम अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। आईजी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि हाईकोर्ट की सुरक्षा का विस्तृत ऑडिट किया जाए और तीन दिन के भीतर पूरी रिपोर्ट पेश की जाए। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा, PAC और ATS की तैनाती
हाईकोर्ट कैंपस में सुरक्षा को कई स्तरों पर मजबूत कर दिया गया है। बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और एंटी-सबोटाज टीमों ने पूरे परिसर की गहन तलाशी ली। हर एंट्री प्वाइंट पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और आने-जाने वाले हर शख्स की सख्ती से जांच हो रही है। अब हाईकोर्ट में प्रवेश केवल अधिकृत लेटर के आधार पर ही दिया जा रहा है। बिना अनुमति किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं है। स्थानीय पुलिस के साथ PAC और ATS की एक-एक कंपनी को भी ड्यूटी पर लगाया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
साइबर सेल की जांच तेज, एजेंसियों से समन्वय
धमकी भरे ई-मेल की तकनीकी जांच के लिए साइबर सेल को अलर्ट कर दिया गया है। ई-मेल के स्रोत का पता लगाने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग और सर्विलांस की मदद ली जा रही है। कोर्ट परिसर में आने वाले हर व्यक्ति का नाम, पता, मोबाइल नंबर और पहचान पत्र अलग रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है। संदिग्ध गतिविधि मिलते ही तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य एसटीएफ और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाकर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच में जुटी है और शहर में सुरक्षा का कड़ा पहरा जारी है।