सावधान! जिम कॉर्बेट पार्क घूमने जाएं तो भूल कर भी न ले जाएं ये जरूरी चीज, पड़ेगा महंगा

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा और प्राकृतिक वातावरण को मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त रखने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया गया है। अब कॉर्बेट के सभी पर्यटन जोनों में सफारी के दौरान पर्यटकों के लिए मोबाइल फोन ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है…पढ़ें पूरी खबर

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 6 February 2026, 12:04 AM IST

रामनगर: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्राकृतिक वातावरण को मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त रखने के लिए बड़ा निर्णय लिया गया है। अब कॉर्बेट के सभी पर्यटन जोनों में सफारी के दौरान पर्यटकों के लिए मोबाइल फोन ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के अनुपालन में उठाया गया है, जिसे पार्क प्रशासन ने आज से प्रभावी रूप से लागू कर दिया है।

पर्यटक नियमों का उल्लंघन

सुप्रीम कोर्ट के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जंगल सफारी के दौरान स्मार्टफोन का किसी भी प्रकार से उपयोग नहीं किया जाएगा, इसके पीछे प्रमुख उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, शोर और डिजिटल हस्तक्षेप को कम करना तथा प्राकृतिक वातावरण को यथासंभव स्वाभाविक बनाए रखना है। आदेश के तहत पर्यटकों को मोबाइल फोन गेट पर ही जमा कराना अनिवार्य होगा। यदि कोई पर्यटक नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 प्राकृतिक दृश्यों की फोटोग्राफी 

हालांकि पर्यटकों को पेशेवर कैमरे जैसे डीएसएलआर या अन्य स्टिल कैमरे ले जाने की अनुमति होगी, ताकि वे वन्यजीवों और प्राकृतिक दृश्यों की फोटोग्राफी कर सकें। मोबाइल फोन से फोटो या वीडियो बनाने की अनुमति नहीं होगी।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पार्क वार्डन अमित ग्वासाकोटी ने जानकारी देते हुए बताया कि डे-सफारी पर जाने वाले सभी पर्यटकों को प्रवेश द्वार पर ही अपने मोबाइल फोन जमा कराने होंगे।

चालक के खिलाफ भी कार्रवाई

वहीं, नाइट स्टे पर जाने वाले पर्यटकों के मोबाइल फोन जिप्सी के एक विशेष बॉक्स में जमा किए जाएंगे, जो जिप्सी चालक और नेचर गाइड की निगरानी में रहेगा। उन्होंने बताया कि नाइट स्टे वाले पर्यटकों को विश्राम गृह (रेस्ट हाउस) पहुंचने के बाद उनके मोबाइल फोन लौटा दिए जाएंगे, लेकिन फोन का उपयोग केवल आवास के अंदर ही किया जा सकेगा,यदि कोई पर्यटक आवास के बाहर मोबाइल फोन का उपयोग करता पाया गया, तो उसका मोबाइल फोन सीज किया जाएगा। साथ ही संबंधित नेचर गाइड और जिप्सी चालक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और पार्क नियमों का पालन

इस आदेश के तहत न केवल पर्यटकों, बल्कि नेचर गाइड और जिप्सी चालकों को भी सफारी के दौरान अपने मोबाइल फोन का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। पार्क प्रशासन का कहना है कि यह कदम पर्यटकों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। कॉर्बेट प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और पार्क नियमों का पालन करें, ताकि वन्यजीव संरक्षण के इस प्रयास को सफल बनाया जा सके।

 

Location : 
  • Ramnagar

Published : 
  • 5 February 2026, 9:36 PM IST