हल्द्वानी में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की पुस्तक ‘उत्तराखंडियत’ का विमोचन, कही ये बात

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा लिखित पुस्तक 'उत्तराखंडियत' का रविवार को हल्द्वानी में भव्य विमोचन समारोह आयोजित किया गया। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 11 May 2025, 3:58 PM IST

हल्द्वानी: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा लिखित पुस्तक 'उत्तराखंडियत' का रविवार को हल्द्वानी में भव्य विमोचन समारोह आयोजित किया गया। यह पुस्तक हरीश रावत के राजनीतिक जीवन, सांस्कृतिक अनुभवों और पहाड़ की जीवन शैली के प्रति उनके समर्पण को दर्शाती है।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक, पुस्तक विमोचन समारोह में देश के वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री और अपूर्व जोशी विशेष रूप से मौजूद रहे। इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश समेत कई विधायक, कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

कई महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में दी जानकारी

इस अवसर पर बोलते हुए हरीश रावत ने कहा कि 'उत्तराखंडियत' महज एक पुस्तक नहीं है, बल्कि उनके जीवन के अनुभवों और पहाड़ की आत्मा का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में गढ़-गधेरे, नौले-धारा, कास्त कला, लोक संस्कृति, पहाड़ी उत्पाद और उनके मुख्यमंत्रित्व काल की कई महत्वपूर्ण योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया गया है।

"उत्तराखंडियत मेरे जीवन का आधार रही है। मैंने अपने राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन को पहाड़ की संस्कृति और मूल्यों से जोड़ा है। यह पुस्तक उन्हीं भावनाओं का विस्तार है।" हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड की आत्मा पहाड़ों और नदियों में ही नहीं, बल्कि वहां के लोक जीवन, परंपराओं और संघर्ष में बसती है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक उत्तराखंड के युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को समर्पित है, ताकि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें।

वहीं, भारत-पाकिस्तान सीमा पर हाल ही में हुए संघर्ष और संघर्ष विराम को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पूरे मामले का गंभीरता से अध्ययन करेंगे। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' पर भारतीय सेना के साहस की सराहना करते हुए कहा कि सेना ने शौर्य और पराक्रम दिखाकर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है।

"भारतीय सेना ने जिस वीरता के साथ ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया है, वह देश के हर नागरिक के लिए गर्व की बात है।" 'उत्तराखंडियत' पुस्तक न केवल एक राजनेता की आत्मकथा है, बल्कि यह उत्तराखंड की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत को संजोने का एक प्रयास भी है।

Location :  Uttrakhand

Published :  11 May 2025, 3:58 PM IST