महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार को डोईवाला के प्राचीन लच्छेश्वर शिव मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ गया। भोले के दर्शनों के लिए सुबह से भक्तों की लंबी कतार देखी गयी। मंदिर परिसर बम-बम भोले के जयकारों से गूंज गया।

शिवालय में उमड़ा आस्था का सैलाब
Dehradun: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार को डोईवाला के प्राचीन लच्छेश्वर शिव मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ गया। भोले के दर्शनों के लिए सुबह से भक्तों की लंबी कतार देखी गयी। मंदिर परिसर बम-बम भोले के जयकारों से गूंज गया।
जानकारी के अनुसार तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर परिसर और मुख्य मार्ग तक नजर आईं। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। दूर-दराज़ के गांवों और शहरों से आए श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।
डोईवाला: श्रद्धालुओं और मंदिर समिति के अध्यक्ष देवराज सावन ने बताया मंदिर का महत्व
➡️लच्छेश्वर शिव मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
➡️मंदिर परिसर बम-बम भोले के जयकारों से गूंजा#Doiwala #Mahashivratri #LacheshwarShivaTemple pic.twitter.com/78IBL6xsDS— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) February 15, 2026
इस पावन अवसर पर मंदिर के कपाट ब्रह्म मुहूर्त में खोल दिए गए थे। इसके साथ ही शिवलिंग पर गंगाजल, दुग्ध, दही, शहद और बेलपत्र अर्पित करने का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने अपने परिवार के साथ पूजा-अर्चना की।
मंदिर में विशेष रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय जाप का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया। पुजारीगणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया जा रहा है। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी झालरों और फूलों से सजाया गया है, जिससे इसकी भव्यता और बढ़ गई है।
मंदिर में उमड़ा भक्तों का सैलाब
मंदिर समिति के अध्यक्ष देवराज सावन ने बताया कि यह मंदिर अत्यंत प्राचीन और ऐतिहासिक महत्व का है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यहां स्थापित शिवलिंग स्वयंभू है और सदियों से क्षेत्रवासियों की आस्था का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि पर यहां जलाभिषेक करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
देवराज सावन ने बताया कि सावन मास और महाशिवरात्रि पर यहां हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर की पौराणिकता और यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा लोगों को बार-बार यहां आने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, चिकित्सा सहायता और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
भोले के दर्शनों के लिए पांत पर लगे लोग
मंदिर परिसर के आसपास लगे मेले में बच्चों और युवाओं के लिए विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक झूले लगाए गए हैं, जो खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। खाने-पीने के स्टॉल पर स्थानीय व्यंजन, मिठाइयां और प्रसाद की दुकानों पर भीड़ उमड़ रही है। खिलौने, धार्मिक सामग्री और हस्तशिल्प की दुकानों पर भी लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखी जा रही है।
मेले का आनंद लेने पहुंचे परिवारों ने बताया कि धार्मिक आस्था के साथ-साथ यह आयोजन सामाजिक मेल-मिलाप का भी अवसर बन जाता है। बच्चों के लिए झूले और मनोरंजन के साधन तथा बड़ों के लिए पूजा-पाठ—दोनों का संगम इस आयोजन को खास बनाता है।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस द्वारा विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और स्वयंसेवक श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने में सहयोग कर रहे हैं। यातायात को सुचारु रखने के लिए मुख्य मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
महाशिवरात्रि के अवसर पर प्राचीन लच्छेश्वर शिव मंदिर में उमड़ी श्रद्धा की यह लहर क्षेत्र की धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करती है। एक ओर जहां भक्त भक्ति-भाव से भगवान शिव का अभिषेक कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मेला उत्सव और उल्लास का वातावरण बना रहा है।
श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा लच्छेश्वर के दरबार में जो भी सच्चे मन से प्रार्थना करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। महाशिवरात्रि का यह पर्व एक बार फिर आस्था, विश्वास और सामाजिक एकता का संदेश दे रहा है।