
AC ब्लास्ट से अस्पताल में लगी भीषण आग (Img- Internet)
Dehradun: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के शास्त्रीनगर (हरिद्वार रोड) स्थित पैनेसिया अस्पताल में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। अस्पताल परिसर में अचानक शॉर्ट सर्किट या एसी (AC) में जोरदार ब्लास्ट होने के कारण भीषण आग लग गई। आग लगते ही अस्पताल के भीतर चारों तरफ घने धुएं का गुबार फैल गया, जिससे वहां मौजूद मरीजों, तीमारदारों और मेडिकल स्टाफ में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण हादसे में अस्पताल में भर्ती एक 55 वर्षीय बुजुर्ग मरीज की दम घुटने और झुलसने के कारण मौत हो गई है।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों, अस्पताल प्रशासन और सूचना पाकर पहुंची पुलिस की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अस्पताल में धुआं भरने के कारण मरीजों को सांस लेने में भारी दिक्कत होने लगी थी। आनन-फानन में गंभीर रूप से बीमार मरीजों को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के सहारे बाहर निकाला गया और एंबुलेंस की मदद से दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। बताया जा रहा है कि पास के कैलाश अस्पताल में छह मरीजों को बेहद नाजुक हालत में भर्ती कराया गया है, जिनमें से दो की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। इस बचाव कार्य के दौरान मरीजों को बचाते हुए कई पुलिसकर्मी भी झुलस गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए भेजा गया है।
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हादसे की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत और कड़ी मशक्कत के बाद अस्पताल में भड़की आग पर पूरी तरह से काबू पाया। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और पूरे अस्पताल परिसर को खाली करा लिया गया है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक और सटीक तकनीकी कारणों का पता लगाने के लिए फायर विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम जांच कर रही है।
पैनेसिया अस्पताल में हुए इस हादसे ने देहरादून के अधिकांश निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में सुरक्षा व्यवस्थाओं की असलियत उजागर कर दी है। शहर में चल रहे कई अस्पताल संकरे रास्तों, सीमित जगहों और बिना पर्याप्त इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन निकास) के संचालित हो रहे हैं। फायर ऑडिट और मॉक ड्रिल जैसे जरूरी सुरक्षा नियम सिर्फ फाइलों तक ही सीमित नजर आते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अगर आग लगने की स्थिति में फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को अंदर आने का सही रास्ता न मिले, तो बड़ी त्रासदी हो सकती है।
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इस हादसे ने अस्पतालों में लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और एसी सिस्टम की समय पर मेंटेनेंस न होने की बड़ी लापरवाही को भी उजागर किया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस दर्दनाक हादसे के बाद अन्य अस्पतालों के खिलाफ क्या सख्त कदम उठाता है।
Location : Dehradun
Published : 20 May 2026, 12:50 PM IST