‘जिन्ना को आदर्श मानने वाले पटेल के अनुयायी नहीं हो सकते’, सरदार पटेल जयंती पर CM योगी का बड़ा बयान

सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती पर लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जातिवाद, क्षेत्रवाद और जिन्नावाद को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई और यूपी के हर जिले में रोजगार व इंडस्ट्रियल जोन विकसित करने की बात कही।

Post Published By: Prashant Sharma
Updated : 31 October 2026, 1:40 PM IST

Lucknow: लखनऊ में सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद को लेकर समाज को आगाह किया। उन्होंने कहा कि समाज में जब जाति और क्षेत्र के नाम पर बंटवारा होता है तो उसकी एकता कमजोर पड़ती है। मुख्यमंत्री ने जिन्ना को आदर्श मानने और समाज को बांटने वाली ताकतों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे लोग सरदार वल्लभ भाई पटेल के सच्चे अनुयायी नहीं हो सकते। उन्होंने लोगों से जातिवाद और जिन्नावाद का मिलकर मुकाबला करने की अपील की।

पुष्पांजलि अर्पित कर दिलाई राष्ट्रीय एकता की शपथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती पर लखनऊ के जीपीओ स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने लोगों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शपथ सरदार पटेल की उस भावना का प्रतिनिधित्व करती है, जिसके लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित किया। उन्होंने सरदार वल्लभ भाई पटेल को भारत गणराज्य का शिल्पी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और प्रखर राष्ट्रवादी नेतृत्वकर्ता बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की एकता और अखंडता को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद को बताया समाज की कमजोरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस तरह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर बीमारियां हमला करती हैं, उसी तरह जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद समाज की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करते हैं। जब समाज आपसी भेदभाव में उलझ जाता है तो बाहरी ताकतों को इसका फायदा उठाने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता को सबसे ज्यादा खतरा तब होता है, जब लोग जाति और क्षेत्र के नाम पर एक-दूसरे से अलग होने लगते हैं। सरदार पटेल का अनुयायी वही हो सकता है, जो भारत की एकता और सुरक्षा को सर्वोपरि रखता हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्ना को आदर्श मानने और समाज को बांटने वाले लोग वल्लभ भाई पटेल के सच्चे अनुयायी नहीं हो सकते। उन्होंने लोगों से ऐसी विभाजनकारी सोच का मिलकर मुकाबला करने की अपील की।

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2014 से राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जा रही जयंती

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर वर्ष 2014 से 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर देशभर में राष्ट्रीय एकता की शपथ, एकता दौड़ और कई रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज को जोड़ना और सरदार पटेल के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष लौहपुरुष की 151वीं जयंती मनाई जा रही है। पिछले वर्ष उनकी 150वीं जयंती पूरी होने पर डबल इंजन सरकार की ओर से कई कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रहित के लिए समर्पण की प्रेरणा देता है।

हर जिले में बनेगा रोजगार और इंडस्ट्रियल जोन

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं के रोजगार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सरकार व्यवस्थित तरीके से काम कर रही है। इसी दिशा में प्रदेश के हर जिले में एक इंप्लायमेंट और इंडस्ट्रियल जोन के गठन की कार्रवाई शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि उत्तर प्रदेश का कोई भी युवा बेरोजगार न रहे। इसके लिए युवाओं की स्किलिंग, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों को बढ़ाया जा रहा है।

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सरदार पटेल ने 563 से अधिक रियासतों का कराया था विलय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी के समय देश के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक अलग-अलग रियासतों का एकीकरण था। सरदार पटेल ने अपनी राजनीतिक इच्छाशक्ति और दृढ़ नेतृत्व के दम पर 563 से अधिक रियासतों को भारतीय गणराज्य का हिस्सा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने जूनागढ़ और हैदराबाद रियासतों का उदाहरण देते हुए कहा कि आजादी के बाद इन रियासतों के शासक भारत में विलय को लेकर आनाकानी कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने इन परिस्थितियों में सख्त रुख अपनाया और देश की एकता को प्राथमिकता दी। उनके प्रयासों से इन रियासतों का भारत में एकीकरण संभव हुआ।

कश्मीर और अनुच्छेद 370 को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने कश्मीर के मुद्दे पर कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कश्मीर का मामला नेहरू ने अपने पास रखा था और उस समय पाकिस्तान की मदद से कबाइलियों ने वहां हमला किया था। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उस दौर की नीतियों के कारण कश्मीर का एक हिस्सा आज भी पाकिस्तान के कब्जे में है। उन्होंने अनुच्छेद 370 का जिक्र करते हुए कहा कि तत्कालीन व्यवस्था के तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष प्रावधान दिए गए थे, जिसका डॉ. भीमराव आंबेडकर ने विरोध किया था।

Location :  Lucknow

Published :  31 October 2026, 1:40 PM IST