
यमुना नदी (Img: Pinterest)
Agra: यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने निचले और नदी किनारे बसे इलाकों में विशेष निगरानी शुरू कर दी है। करीब 1600 से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए पहले से ही राहत शिविर तैयार कर लिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ते ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।
एसडीएम बिक्रम राघव ने बताया कि सदर तहसील क्षेत्र में नौ बाढ़ राहत चौकियां और छह राहत शिविर बनाए गए हैं। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 10 नाव, 10 प्रशिक्षित गोताखोर और नाविकों की व्यवस्था की गई है। राजस्व विभाग, पुलिस, ग्राम पंचायत सचिव और लेखपालों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि राहत कार्य में कोई परेशानी न हो।
कैलाश मंदिर, नगला फीतर सिंह, मऊ, गैलाना, पोइया घाट, दयालबाग, सिकंदरपुर, खासपुर और जगनपुर सहित कई क्षेत्रों के परिवारों के लिए अलग-अलग राहत केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इन परिवारों को जरूरत पड़ने पर विभिन्न इंटर कॉलेजों और विद्यालयों में ठहराया जाएगा, जहां भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी।
यह भी पढ़ें: Agra: पांच दिन बाद लौटे कारोबारी के उड़े होश, पुलिस भी उलझी इस रहस्य में
घटवासन, ठीपुरी, मनोहरपुर, कृष्णा बाग कॉलोनी, जीवनी मंडी, राधानगर, लोहियानगर, न्यू आदर्श नगर, करमना, हाथीघाट, बसई और नगला तलफी जैसे इलाकों के लिए भी राहत केंद्र चिह्नित किए गए हैं। वहीं कुंडौल क्षेत्र के कई गांवों को संभावित बाढ़ प्रभावित सूची में शामिल किया गया है। अकोला क्षेत्र में भी राजस्व विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों ने कहा कि राहत और बचाव की सभी तैयारियां पूरी हैं। यदि जलस्तर और बढ़ता है तो प्रभावित परिवारों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।
Location : Agra
Published : 11 August 2026, 1:01 PM IST
Topics : Agra flood news Agra news UP News