
यमुना एक्सप्रेसवे टोल पास को लेकर विवाद तेज (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Noida: ग्रेटर नोएडा और जेवर क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर टोल पासों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। अखिल भारतीय किसान सभा ने आरोप लगाया है कि संगठन से जुड़े किसानों और पदाधिकारियों के टोल पास निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस सूचना के सामने आते ही किसान सभा ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया और प्रशासन को साफ चेतावनी दी कि यदि किसानों को दी गई सुविधाएं वापस ली गई तो बड़ा आंदोलन होगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीटा-2 थाना पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। पुलिस ने यमुना एक्सप्रेसवे प्रबंधन के अधिकारियों को तत्काल थाने बुलाया। वहीं सूचना मिलते ही किसान सभा के सैकड़ों कार्यकर्ता, पदाधिकारी और ग्रामीण भी बीटा-2 थाने पहुंच गए। यहां पुलिस प्रशासन, एक्सप्रेसवे प्रबंधन और किसान सभा के प्रतिनिधियों के बीच लंबी वार्ता हुई।
बैठक में एक्सप्रेसवे प्रबंधन की ओर से मैनेजर जे.के. शर्मा और अनुज चौधरी मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने किसान नेताओं को भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे को उच्च स्तर के प्रबंधन के सामने रखा जाएगा और जल्द निर्णय से अवगत कराया जाएगा। हालांकि, किसान सभा ने स्पष्ट कर दिया कि वह लंबे समय तक इंतजार करने के मूड में नहीं है और यदि किसानों के हितों पर असर डालने वाला कोई फैसला लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
किसान सभा के जिला अध्यक्ष एडवोकेट डॉ. रूपेश वर्मा ने कहा कि प्रदेश और देश के कई एक्सप्रेसवे और राजमार्गों पर किसान संगठनों को दी गई टोल सुविधाएं पहले से लागू हैं। यमुना एक्सप्रेसवे कोई अपवाद नहीं है।
किसान नेता डॉ. रूपेश वर्मा ने कहा कि किसान संगठनों के साथ हुए समझौतों का सम्मान होना चाहिए और उनका पूर्ण रूप से पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शाम तक सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 2 जून को किसान सभा जेवर टोल प्लाजा पर आंदोलन करेगी और टोल को फ्री कराने की कार्रवाई की जाएगी।
किसान सभा के जिला प्रवक्ता जगबीर नंबरदार ने कहा कि क्षेत्र के किसानों ने अपनी जमीनें देकर एक्सप्रेसवे और औद्योगिक परियोजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। किसानों के त्याग की बदौलत ही विकास परियोजनाएं खड़ी हुई हैं। ऐसे में किसानों और उनके संगठनों के साथ हुए समझौतों को समाप्त करने या कमजोर करने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रबंधन अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं करता है तो किसान सभा गांव-गांव जाकर जनजागरण अभियान चलाएगी और बड़े स्तर पर आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
महासचिव संदीप भाटी ने कहा कि किसान सभा हमेशा बातचीत और समाधान में विश्वास रखती है, लेकिन किसानों के अधिकारों पर चोट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की कि 10 जनवरी 2024 को हुए समझौते को यथावत लागू रखा जाए और जिन टोल पासों को स्वीकृति दी गई है, उन्हें तत्काल सक्रिय किया जाए। बैठक के दौरान किसान सभा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बीटा-2 थाना प्रभारी की मौजूदगी में एक्सप्रेसवे प्रबंधन के अधिकारियों जे.के. शर्मा और अनुज चौधरी को ज्ञापन भी सौंपा।
Location : Noida
Published : 2 June 2026, 11:56 AM IST