
ड्रोन हमले में गई सागर की जान (IMG: Dynamite News)
Kanpur: कानपुर के शास्त्री नगर में एक घर ऐसा है, जहां मोबाइल की घंटी अब भी उम्मीद जगाती है। पत्नी को लगता है कि शायद दूसरी तरफ से वही आवाज आएगी- 'बोलो शालू...'। पांच साल की बेटी पुराने वीडियो चलाकर पापा से बातें कर रही है। उसे अब भी लगता है कि पापा विदेश से लौटेंगे और उसके लिए बार्बी ड्रेस लेकर आएंगे। लेकिन हकीकत बेहद दर्दनाक है। कानपुर के शास्त्री नगर निवासी सागर गुप्ता (30) मर्चेंट नेवी में चीफ ऑफिसर थे। रूस जा रहे मालवाहक जहाज एमवी ओमोर्फी पर सवार सागर की काला सागर में ड्रोन हमले के दौरान मौत हो गई। परिवार के मुताबिक, यह हमला 18 जुलाई को हुआ था। बताया जा रहा है कि हमला यूक्रेन की ओर से किया गया था। सागर की मौत की जानकारी परिवार को 22 जुलाई को उनके साथी क्रू मेंबर के फोन से मिली। अब करीब 10 दिन से परिवार उनके शव के घर लौटने का इंतजार कर रहा है।
सागर के बड़े भाई मनीष के मुताबिक, उनके छोटे भाई 14 जून को घर से निकले थे। इसके बाद 17 जून को वह तुर्किये से रूस जाने वाले मालवाहक जहाज पर सवार हुए। समुद्री सफर के दौरान परिवार से बीच-बीच में उनकी फोन पर बात होती रही। घरवालों के लिए 17 जुलाई की वह आखिरी बातचीत अब जिंदगी भर की याद बन गई है। पत्नी शालू ने बताया कि उस दिन सागर का फोन आया था, लेकिन नेटवर्क ठीक नहीं था। बातचीत साफ नहीं हो पा रही थी। सागर ने कहा था कि बाद में बात करेंगे। परिवार को क्या पता था कि यह उनकी आखिरी बातचीत होगी।
परिवार के मुताबिक, 22 जुलाई को सागर के साथी क्रू मेंबर का फोन आया। इसी फोन से उन्हें पता चला कि सागर अब इस दुनिया में नहीं रहे। जिस बेटे, भाई, पति और पिता के लौटने का परिवार इंतजार कर रहा था, उसकी मौत की खबर ने पूरे घर को तोड़कर रख दिया। सागर के बड़े भाई मनीष का कहना है कि परिवार को अब तक उनका शव नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि पुलिस और प्रशासन से फिलहाल अपेक्षित मदद नहीं मिल पाई है और जनप्रतिनिधियों की तरफ से भी सिर्फ आश्वासन मिले हैं। वहीं, डीजी शिपिंग कार्यालय की तरफ से सागर का पासपोर्ट नंबर मांगे जाने की बात सामने आई है। परिवार अब उसी पासपोर्ट नंबर को तलाशने के लिए भागदौड़ कर रहा है, ताकि आगे की प्रक्रिया पूरी हो सके।
सागर की मौत की खबर के बाद सबसे ज्यादा दर्द उनकी पत्नी शालू और बच्चों की जिंदगी में दिखाई दे रहा है। परिवार के मुताबिक, शालू अब भी दिन में कई बार सागर के मोबाइल पर फोन करती हैं। उन्हें उम्मीद रहती है कि शायद फोन उठेगा और दूसरी तरफ से वही पुरानी आवाज सुनाई देगी।
पांच साल की बेटी गौरी को शायद अभी पूरी तरह समझ ही नहीं आया है कि उसके पापा अब वापस नहीं आएंगे। वह सागर के पुराने वीडियो देखती है और उनसे ऐसे बातें करती है, जैसे पापा सामने बैठे हों। गौरी पुराने वीडियो को देखकर कहती है कि अगर पापा इस बार उसके लिए बार्बी ड्रेस नहीं लाए तो वह उनसे बात नहीं करेगी। मासूम बच्ची की यह बात सुनकर घर में मौजूद लोगों की आंखें नम हो जाती हैं।
सागर की नौकरी ऐसी थी कि उन्हें लंबे समय तक घर से दूर रहना पड़ता था। समुद्र में रहने और लगातार सफर के कारण वह परिवार के साथ ज्यादा वक्त नहीं बिता पाते थे। शालू के मुताबिक, उनकी शादी की सालगिरह भी कभी साथ नहीं मनी। लेकिन परिवार के लिए सागर के जन्मदिन का दिन खास होता था। उनका जन्मदिन स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को पड़ता था। सागर जहां भी रहते, कोशिश करते कि वीडियो कॉल के जरिए पत्नी और बच्चों से जुड़ें। वीडियो कॉल पर परिवार के साथ हाथों में तिरंगा लेकर वह केक काटते थे।
सागर की मां रामा देवी को सुनाई नहीं देता है। वह बोल भी नहीं पाती हैं। परिवार ने उन्हें अभी तक सागर की मौत की पूरी सच्चाई नहीं बताई है। उन्हें सिर्फ इशारों में बताया गया है कि सागर घायल हुए हैं और उन्हें घर लाने की कोशिश की जा रही है। रामा देवी बेटे की तस्वीर हाथ में लेकर घर के दरवाजे की ओर टकटकी लगाए बैठी रहती हैं। वह शायद यही इंतजार कर रही हैं कि किसी पल उनका बेटा सामने से आता दिखाई देगा।
शालू के भाई शोभित ने बताया कि सागर के एक साथी ने मॉर्च्युरी में रखे शव की फोटो उन्हें दिखाई थी। लेकिन परिवार ने यह तस्वीर शालू को नहीं दिखाई। उन्हें डर था कि अगर पत्नी ने वह तस्वीर देख ली तो शायद वह इस सदमे को सहन नहीं कर पाएंगी। परिवार अब सिर्फ सागर के शव के घर पहुंचने का इंतजार कर रहा है। परिजनों का कहना है कि वह चाहते हैं कि प्रशासन और संबंधित एजेंसियां प्रक्रिया को जल्द पूरा कराएं, ताकि सागर को अंतिम विदाई दी जा सके।
मामले की जानकारी के बाद मंगलवार देर शाम जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और एडिशनल सीपी डॉ. विपिन ताडा शास्त्री नगर स्थित सागर के घर पहुंचे। अधिकारियों ने परिवार से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। अधिकारियों ने परिजनों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। अब परिवार की उम्मीद प्रशासन और संबंधित एजेंसियों पर टिकी है कि सागर के शव को जल्द भारत लाया जाए और उन्हें अंतिम विदाई दी जा सके।
Location : Kanpur
Published : 29 July 2026, 1:20 PM IST
Topics : Black Sea Drone Attack Kanpur News Merchant Navy Officer Sagar Gupta Death Ukraine Russia Conflict