
यूपी में पंचायत चुनाव को लेकर कोर्ट सख्त
Lucknow: ग्राम पंचायत चुनावों में लगातार हो रही देरी अब सिर्फ प्रशासनिक मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह एक बड़ा कानूनी टकराव बनता जा रहा है। मामला जब इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में पहुंचा तो सुनवाई के दौरान कोर्ट का रुख बेहद सख्त नजर आया। सुनवाई के दौरान जजों ने साफ टिप्पणी की कि आरक्षण निर्धारण जैसा अहम काम सरकार के संज्ञान में पहले से था, लेकिन इसके बावजूद प्रक्रिया को समय पर पूरा नहीं किया गया। कोर्ट ने इसे गंभीर लापरवाही की ओर इशारा माना है, जिससे पंचायत चुनावों की समयबद्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति अवधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने की। कोर्ट ने कहा कि ओबीसी आरक्षण को लेकर आयोग बनाने के बाद भी जिस तरह से काम की गति रही है, वह संतोषजनक नहीं है। सरकार की ओर से यह तर्क दिया गया कि आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया अभी चल रही है और इसमें करीब छह महीने का समय और लग सकता है। इस पर कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को लंबे समय तक प्रभावित नहीं किया जा सकता।
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याचिकाकर्ताओं आशीष कुमार सिंह, ओम प्रकाश प्रजापति और खुशीराम ने शासनादेश को चुनौती दी है, जिसमें कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक के रूप में बनाए रखने का निर्णय लिया गया है। याचिका में तर्क दिया गया कि यह व्यवस्था संविधान के अनुच्छेद 243-ई की भावना के खिलाफ है, जिसमें पंचायतों के लोकतांत्रिक ढांचे और समयबद्ध चुनावों पर जोर दिया गया है।
सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश की ओर से बताया गया कि मतदाता सूची का प्रकाशन 10 जून को प्रस्तावित है। वहीं सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि ओबीसी आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की चुनावी प्रक्रिया को गति दी जा सकेगी। कोर्ट ने इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग और अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग दोनों से विस्तृत प्रगति रिपोर्ट 10 जुलाई तक दाखिल करने का आदेश दिया है।
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इस पूरे मामले ने ग्रामीण लोकतंत्र की जड़ मानी जाने वाली पंचायत व्यवस्था को भी चर्चा में ला दिया है। पंचायत चुनाव समय पर न होने से न सिर्फ प्रशासनिक काम प्रभावित हो रहा है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर विकास योजनाओं की गति भी धीमी पड़ रही है। कोर्ट की टिप्पणी ने यह साफ कर दिया है कि चुनावी प्रक्रिया में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
Location : Lucknow
Published : 5 June 2026, 11:09 AM IST