
ढालू एनकाउंटर केस में नया मोड़
Budaun : जिले में हुए कुख्यात बदमाश जितेंद्र उर्फ ढालू के एनकाउंटर ने अब पूरे मामले को सवालों के घेरे में ला दिया है। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में बुधवार रात हुई इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने जहां इसे जवाबी कार्रवाई बताया है, वहीं अब इसकी हर कड़ी वैज्ञानिक जांच से गुजर रही है। यही वजह है कि इस केस पर जांच एजेंसियों की भी नजरें टिकी हुई हैं।
इस मुठभेड़ में एक लाख के इनामी बदमाश ढालू की मौत हुई थी। पुलिस का दावा है कि बदमाश ने पहले फायरिंग की थी और जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी। लेकिन अब पूरा घटनाक्रम फॉरेंसिक जांच के दायरे में आ गया है, जिससे यह तय होगा कि असल में फायरिंग किस तरफ से हुई और कितनी गोलियां चलीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एनकाउंटर में शामिल तीन वरिष्ठ अधिकारियों की सरकारी पिस्टल को केस प्रॉपर्टी बनाकर सील कर दिया है। इनमें एसपी सिटी अभिषेक सिंह, सिविल लाइंस इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह और सहसवान इंस्पेक्टर धनंजय सिंह के हथियार शामिल हैं। इन हथियारों को अब आरोपी से बरामद असलहों और खोखों के साथ फोरेंसिक साइंस लैब भेजा जाएगा।
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जांच अधिकारियों के अनुसार बैलिस्टिक रिपोर्ट से यह साफ होगा कि किस हथियार से कितनी गोलियां चलीं और कौन से खोखे किस बंदूक से फायर हुए। यही रिपोर्ट इस पूरे एनकाउंटर की दिशा तय करेगी। पुलिस का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष इसी वैज्ञानिक जांच के बाद निकलेगा और कोर्ट में भी इसे अहम सबूत के तौर पर पेश किया जाएगा।
एफआईआर के अनुसार ढालू ने पुलिस टीम पर छह राउंड फायरिंग की थी, जबकि जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने तीन राउंड फायर किए। इस मुठभेड़ में उसे दो गोलियां लगीं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल से कई हथियार, कारतूस और खोखे बरामद किए गए थे।
Location : Budaun
Published : 3 July 2026, 6:44 PM IST