
महिलाओं का हमला
Pilibhit: नेपाल सीमा से सटे पीलीभीत के बूंदीभूड़ गांव में शराब की दुकान खोलने को लेकर बड़ा विवाद हो गया। गुरुवार को हुए बवाल में तहसीलदार और दारोगा घायल हो गए, जबकि दो वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। पुलिस ने 28 महिलाओं समेत 43 लोगों पर दंगा और हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
पीलीभीत जिले के नेपाल बॉर्डर से सटे बूंदीभूड़ गांव में शराब की दुकान खोले जाने को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच तनाव बढ़ गया। गांव में 9 अप्रैल को अंग्रेजी शराब की दुकान सुनील कुमार मिश्रा और देसी शराब की दुकान जगवती के नाम से आवंटित हुई थी। इसके बाद दुकानों में सामान भी रख दिया गया था।
लेकिन स्थानीय महिलाओं और ग्रामीणों ने इसका लगातार विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि गांव में पहले कभी शराब की दुकान नहीं थी और इससे सामाजिक माहौल खराब होगा।
गुरुवार को स्थिति उस समय बिगड़ गई जब प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के विरोध ने अचानक उग्र रूप ले लिया और भीड़ ने पथराव और लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
इस हिंसक झड़प में तहसीलदार का हाथ टूट गया, जबकि एक दारोगा का पैर फ्रैक्चर हो गया। इसके अलावा दो सरकारी वाहनों को भी भारी नुकसान पहुंचा। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।
इस पूरे मामले में अब पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। आबकारी निरीक्षक की शिकायत पर 28 महिलाओं समेत कुल 43 नामजद और 10 से 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
आरोपियों पर सामूहिक रूप से योजनाबद्ध तरीके से दंगा करने, हत्या के प्रयास और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
पुलिस ने जिन लोगों को नामजद किया है उनमें कई महिलाएं और पुरुष शामिल हैं, जिनकी विस्तृत सूची दर्ज की गई है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वहीं, इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
Location : Pilibhit
Published : 8 May 2026, 12:59 PM IST
Topics : liquor shop Pilibhit Police Action protest