अमरोहा में सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने वाली भाभी जान को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, भाभी जान का असली नाम समरीन है। अब जानिए भाभी जान ने ऐसा क्या कांड किया?

भाभी जान उर्फ समरीन
Amroha: सोशल मीडिया पर डाले गए एक वीडियो ने अमरोहा में ऐसा तूफान खड़ा किया कि पुलिस को तुरंत एक्शन में आना पड़ा। वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा ने धार्मिक भावनाओं को झकझोर दिया और देखते ही देखते मामला सड़कों से लेकर थाने तक पहुंच गया। हिंदू धर्म और समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप लगने के बाद अमरोहा पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार कर पूरे मामले पर कानूनी शिकंजा कस दिया है।
सोशल मीडिया वीडियो से मचा बवाल
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि वीडियो में हिंदू धर्म और हिंदू समुदाय के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। वीडियो सामने आते ही हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग शुरू हो गई।
आरोपी महिला की पहचान
पुलिस ने इस मामले में जिस महिला को गिरफ्तार किया है, उसकी पहचान समरीन निशा उर्फ भाभी जान के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार महिला की उम्र करीब 30 साल है और वह ग्राम सुल्तानपुर इंतजाम अली थाना अमरोहा देहात की रहने वाली है। आरोप है कि महिला ने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर खास तौर पर हिंदू लड़कियों के लिए भी आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई।
हिंदू युवा मंच की शिकायत पर केस दर्ज
इस पूरे मामले में हिंदू युवा मंच की अहम भूमिका रही। संगठन की ओर से लैटर पैड पर अमरोहा देहात थाने में लिखित शिकायत दी गई थी। हिंदू युवा मंच के नेता प्रतीक शर्मा ने प्रार्थना पत्र देकर आरोपी महिला के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
वायरल होते ही बढ़ा विरोध
जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर भी इसका विरोध तेज हो गया। कई हिंदू संगठनों ने वीडियो जारी कर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। बढ़ते दबाव और संभावित कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की।
पुलिस की कार्रवाई और धाराएं
पुलिस ने 04 फरवरी 2026 को आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद महिला को कोर्ट में पेश किया गया है। अमरोहा देहात थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 299 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का आधिकारिक बयान
पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी।