आखिर 0001 नंबर के लिए क्यों लगती है लाखों की बोली? VIP नंबरों की नीलामी ने फिर चौंकाया

बरेली में वीआईपी नंबरों की नीलामी में 0001 नंबर 1.08 लाख रुपये में बिका, जबकि 9999 एक लाख में गया। 2525 और 0505 सबसे कम 17,500 रुपये में बिके। लोगों में खास नंबरों को लेकर जबरदस्त क्रेज देखने को मिला और कई नंबरों पर भारी बोली लगी।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 9 June 2026, 5:21 PM IST

Bareilly: बरेली में वाहनों के वीआईपी नंबरों को लेकर लोगों में लगातार बढ़ता क्रेज एक बार फिर सामने आया है। हाल ही में हुई नीलामी में 0001 नंबर ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इस नंबर के लिए 1.08 लाख रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाई गई। वहीं 9999 नंबर एक लाख रुपये में बिका, जिससे साफ है कि लोगों में खास और आकर्षक नंबरों को पाने की होड़ लगातार बढ़ रही है।

कई नंबरों पर लगी अलग-अलग बोली

नीलामी में 9000, 0011, 0055, 5500 और 0045 नंबरों के लिए 50-50 हजार रुपये की बोली लगी। इसके अलावा 0101, 2500 और 0054 नंबर 25 हजार रुपये में बिके। वहीं 0005 और 0007 नंबर 20 हजार रुपये में गए। सबसे कम बोली 2525 और 0505 नंबरों के लिए 17,500 रुपये रही, लेकिन इनकी लोकप्रियता लगातार बनी हुई है।

2525 नंबर की लगातार बढ़ती डिमांड

2525 नंबर की खासियत यह है कि यह बरेली का वाहन कोड यूपी 25 से मेल खाता है। इसी वजह से यह नंबर हर सीरीज में लोकप्रिय रहता है। वर्ष 2019 से अब तक आई करीब 100 सीरीज में इस नंबर पर हर बार बोली लगी है। यह नंबर वाहन स्वामियों की पहली पसंद बन चुका है।

शासनादेश के तहत होती है नीलामी प्रक्रिया

सितंबर 2019 के शासनादेश के अनुसार प्रत्येक वाहन सीरीज में 350 वीआईपी नंबर बिक्री के लिए रखे जाते हैं। वाहन स्वामी अपनी पसंद का नंबर पाने के लिए 15 हजार रुपये से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक खर्च करते हैं। वर्ष 2022 में 0001 नंबर 1.35 लाख रुपये में भी बिक चुका है, जो अब तक का रिकॉर्ड माना जाता है।

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धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं का असर

वीआईपी नंबरों की मांग केवल आकर्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताएं भी जुड़ी हैं। जिन नंबरों के अंकों का योग 7 या 9 आता है, उनकी मांग अधिक रहती है। जैसे 333, 72, 63, 81, 54, 45 आदि। वहीं मुस्लिम समुदाय में 786 नंबर को शुभ माना जाता है, जिसकी भी अच्छी डिमांड रहती है।

ऑनलाइन प्रक्रिया से होती है पारदर्शी नीलामी

आरटीओ प्रशासन के अनुसार वीआईपी नंबरों की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है, जिससे किसी प्रकार की सिफारिश या जोर-जुगाड़ की संभावना नहीं रहती। आधार नंबर के जरिए कोई भी व्यक्ति अपनी पसंद का वीआईपी नंबर बुक कर सकता है। नंबर मिलने के बाद एक माह के भीतर वाहन खरीदना अनिवार्य होता है।

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विभाग को होती है अच्छी आय

अधिकारियों का कहना है कि वीआईपी नंबरों की नीलामी से विभाग को अच्छी आय प्राप्त होती है। साथ ही यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और हर व्यक्ति को समान अवसर दिया जाता है। यही कारण है कि हर सीरीज में वीआईपी नंबरों की मांग लगातार बढ़ रही है।

Location :  Bareilly

Published :  9 June 2026, 5:21 PM IST