
युवा मंच ने शिक्षा सेवा चयन आयोग को सौंपी 9 प्रमुख मांगें (Img: Dynamite News)
Prayagraj: उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 17,735 पदों के लिए जारी भर्ती विज्ञापन में किए गए बदलावों के कारण योग्य उम्मीदवारों को आ रही चुनौतियों को लेकर चिंताएं जताई गई हैं। 'युवा मंच' नामक एक संगठन ने इस मुद्दे की ओर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का ध्यान आकर्षित किया है और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी शैक्षिक योग्यताओं तथा अन्य प्रावधानों में संशोधन की मांग की है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने आयोग के अध्यक्ष और सचिव को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उम्मीदवारों के हित में नौ प्रमुख बिंदुओं पर बदलाव करने का अनुरोध किया गया है।
अनिल सिंह का कहना है कि शैक्षिक योग्यताओं से जुड़े कुछ प्रावधान उन योग्य उम्मीदवारों के लिए अनावश्यक कठिनाइयां पैदा कर रहे हैं, जो लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने आयोग से आग्रह किया है कि वह इन विसंगतियों पर गंभीरता से विचार करे और आगामी भर्ती प्रक्रिया के लिए स्पष्ट एवं संशोधित दिशा-निर्देश जारी करे।
'युवा मंच' ने TGT (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर) भर्ती के लिए स्नातक स्तर पर अनिवार्य 50% अंकों की शर्त को हटाने की मांग की है। संगठन का तर्क है कि NCTE (नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन) के नियमों के तहत B.Ed. डिग्री के लिए ऐसी कोई शर्त नहीं है। इसलिए इस शर्त पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि योग्य उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिल सके।
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संगठन ने मांग की है कि उम्मीदवारों को विशिष्ट 'विद्यालय विषय' श्रेणियों के तहत आवेदन करने का मौका दिया जाए। उनका तर्क है कि जिन उम्मीदवारों के पास किसी संबंधित विषय में आवश्यक योग्यताएं हैं, उन्हें केवल आवेदन प्रणाली की संरचना के कारण भर्ती प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जाना चाहिए।
अंग्रेजी विषय के लिए शैक्षिक योग्यताओं विशेष रूप से स्नातक डिग्री और भाषा से संबंधित आवश्यकताओं को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाने की मांग की गई है। 'युवा मंच' संगठन ने आयोग से आग्रह किया है कि वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय द्वारा जारी स्पष्टीकरण पर ध्यान दे और विभिन्न विश्वविद्यालयों में इस्तेमाल होने वाली अलग-अलग मार्कशीट और डिग्री दस्तावेजीकरण प्रणालियों में एकरूपता और स्पष्टता सुनिश्चित करे।
'युवा मंच' ने राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी द्वारा चलाए जा रहे दो-वर्षीय कार्यक्रम को मान्यता देने और स्वीकार करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि जो उम्मीदवार निर्धारित योग्यताएं पूरी करते हैं, उन्हें भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर दिया जाना चाहिए।
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प्रधानाचार्यों और हेडमास्टरों की भर्ती के लिए, उन शिक्षकों के अनुभव को मान्यता देने की मांग की गई है जिन्होंने गैर-सहायता प्राप्त (निजी) स्कूलों में लंबे समय तक काम किया है। संगठन का तर्क है कि किसी व्यक्ति के वास्तविक शिक्षण अनुभव को केवल इस आधार पर अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए कि उसे वेतन किस तरह से मिलता है। ऐसे शिक्षकों को अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने के लिए एक व्यवस्था भी बनाई जानी चाहिए।
'युवा मंच' ने अनुरोध किया है कि इंटरमीडिएट स्तर पर संस्कृत को अनिवार्य विषय बनाने के बजाय, स्नातक स्तर पर संस्कृत पढ़ने की योग्यता को स्वीकार किया जाना चाहिए जैसा कि पहले होता था। संगठन का कहना है कि इससे योग्य उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया से अनावश्यक रूप से बाहर होने से रोका जा सकेगा।
संगठन ने प्रधानाचार्य और हेडमास्टर के पदों के लिए स्नातक स्तर पर 50% अंक प्राप्त करने की अनिवार्य शर्त पर पुनर्विचार करने की मांग की है। इसके अलावा, उन्होंने आग्रह किया है कि चयन प्रक्रिया के दौरान योग्य और अनुभवी शिक्षकों को अवसर दिए जाएं।
'युवा मंच' ने मांग की है कि पूर्व सैनिकों, स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों और दिव्यांग व्यक्तियों (PwD) को मौजूदा नियमों के अनुसार आरक्षण और वेटेज (अतिरिक्त अंक) का लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए।
संगठन ने उस प्रावधान को हटाने की मांग की है, जिसके तहत अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट दोनों स्तरों पर एक ही विषय पढ़ना अनिवार्य है। उनका तर्क है कि मौजूदा शिक्षा प्रणाली में अलग-अलग विषय पढ़ने के कई विकल्प मौजूद हैं। इसे देखते हुए जिन उम्मीदवारों ने अलग-अलग विषय पढ़े हैं और जो निर्धारित शैक्षिक योग्यताएं भी पूरी करते हैं उन्हें भी अवसर दिए जाने चाहिए।
अनिल सिंह ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए योग्य शिक्षकों का चयन जरूरी है। भर्ती प्रक्रिया के नियम ऐसे होने चाहिए, जिनसे वर्षों से तैयारी कर रहे योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर मिल सके। उन्होंने आयोग से सभी नौ मांगों पर गंभीरता से विचार कर अभ्यर्थियों के हित में न्यायसंगत निर्णय लेने की अपील की।
Location : Prayagraj
Published : 3 November 2026, 6:57 PM IST