Gorakhpur University में 1192 पेड़ों की कटाई पर बवाल, NSUI के प्रदेश महासचिव ने उठाया मुद्दा

NSUI ने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन पर 1192 पेड़ों की कथित कटाई और महिला छात्रावास की मेस व्यवस्था में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। संगठन का कहना है कि पेड़ों की कटाई में पारदर्शिता नहीं बरती गई और वन विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 15 May 2026, 3:26 AM IST

Gorakhpur : नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए परिसर में 1192 पेड़ों की कटाई और छात्रावास की खराब मेस व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा किया है। गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव आदित्य शुक्ला ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर पारदर्शिता की कमी और छात्रों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया।

पेड़ों की कटाई पर नियमों और प्रक्रिया पर सवाल

आदित्य शुक्ला ने कहा कि एक तरफ सरकार और मुख्यमंत्री द्वारा एक पेड़ मां के नाम जैसे पर्यावरण संरक्षण अभियान चलाए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय परिसर में बड़े पैमाने पर हरे-भरे पेड़ों की कटाई कराई जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस नियम और प्रक्रिया के तहत 1192 पेड़ों को काटने की अनुमति दी गई।

साथ ही उन्होंने वन विभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में वृक्षों के कटान की अनुमति किन परिस्थितियों में दी गई। इसकी जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।

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नीलामी प्रक्रिया और वृक्ष विहीन बनाने का आरोप

एनएसयूआई नेता ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से वृक्षों की कटाई की मंजूरी दी है। उन्होंने इसे विश्वविद्यालय परिसर को वृक्ष विहीन बनाने की साजिश बताते हुए कहा कि अब तक कितने पेड़ काटे जा चुके हैं। उनकी प्रजातियां क्या थीं और शेष कटान कब तक होना है। इसका पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए। संगठन ने मांग की कि शेष पेड़ों की कटाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।

महिला छात्रावास की मेस व्यवस्था पर गंभीर शिकायत

प्रेस वार्ता में महिला छात्रावास की मेस व्यवस्था का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया गया। आदित्य शुक्ला ने आरोप लगाया कि छात्राओं को दिए जा रहे भोजन में कीड़े-मकोड़े निकल रहे हैं। जिससे कई छात्राओं की तबीयत खराब हुई है। उन्होंने कहा कि शिकायतों के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जिससे छात्राओं में भारी नाराजगी है।

आंदोलन की चेतावनी

एनएसयूआई ने मांग की है कि पेड़ों की कटाई की पूरी जांच कराई जाए। मेस व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। संगठन ने कुलपति से दोनों मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो छात्रहित में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

Location :  Gorakhpur

Published :  15 May 2026, 3:26 AM IST